सागर। सागर में गूंजेगी दिव्य वाणी: 251 कुंडीय विश्व शांति महायज्ञ और स्वर्वेद कथा का भव्य आयोजन
सागर। बुंदेलखंड की धरा और सागर शहर के लिए आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत सौभाग्यशाली होने जा रहा है। विहंगम योग संत समाज, सागर के तत्वावधान में कल 22 मार्च 2026, रविवार को पटकुई बरारू स्थित कुबेर वाटिका में 251 कुंडीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ का विशाल आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम का आकर्षण: संत प्रवर की अमृतवाणी
आयोजन का मुख्य आकर्षण विहंगम योग संस्थान के प्रमुख संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज की दिव्य वाणी होगी। वे श्रद्धालुओं को ‘जय स्वर्वेद कथा’ के माध्यम से आध्यात्मिक रहस्यों और जीवन जीने की कला से अवगत कराएंगे।
कार्यक्रम की रूपरेखा
* प्रातः 9:00 बजे: भव्य शोभायात्रा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा।
* प्रातः 10:00 बजे: संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज द्वारा दिव्य प्रवचन एवं स्वर्वेद कथा।
* महायज्ञ: प्रवचन के साथ ही 251 कुंडीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ में आहुतियां डाली जाएंगी।
* दोपहर 2:00 बजे: महाप्रसाद एवं भंडारे का आयोजन।
स्थान: कुबेर वाटिका, पटकुई बरारू (सुकृत हॉस्पिटल के पास), सागर (म.प्र.)
विहंगम योग: मन की शांति का मार्ग
विहंगम योग संस्थान, जिसकी स्थापना सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज ने की थी, आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट साधना पद्धति के लिए विख्यात है। वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर, जो विश्व का सबसे बड़ा साधना केंद्र है, इसी संस्थान की देन है। आज के तनावपूर्ण युग में मानसिक विकृतियों और शारीरिक व्याधियों के निदान के रूप में विहंगम योग को एक प्रभावी पद्धति माना जाता है।
विहंगम योग संत समाज ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि इस पुण्यकारी अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें।


