गंभीर बीमारी को हराकर MPPSC पास कर ग्रंथपाल बनी अंकिता राजपूत
सागर। देवरी विधानसभा की बेटी की जिद के आगे जानलेवा बीमारी को भी हार माननी पड़ी। वहीं मेहनत और लगन के चलते अंकिता राजपूत का चयन एमपी पीएससी में सहायक प्राध्यापक के पद पर हुआ है। अकिता का संघर्ष और सफलता लोगों के लिए मिशाल बन गई है।
शिक्षक शिवकुमार राजपूत की बेटी की प्राथमिक शिक्षा देवरी के स्कूल में हुई। सागर के डाँ हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री पूर्ण की। इसी दौरान अंकिता को कूल्हों की एक घातक बीमारी ने जकड़ लिया। कई वर्ष उसका इलाज चलता रहा। बीमारी के प्रकोप के कारण अंकिता को वर्ष 2016 से अपनी आगे की शिक्षा को विराम देना पड़ा। वर्ष 2022-23 में हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी करानी पड़ी। अंकिता के मनोवल ने घातक बीमारी को भी मुंह-तोड़ जवाब दिया और कुछ ही वर्षों में स्वस्थ्य होकर एमपीपीएससी की परीक्षा में भाग लिया।
अंकिता अथक अध्ययन और लगातार मेहनत करती रही और ग्रंथपाल के पद के लिए चयनित हुई। अंकिता के शिक्षक पिता इस सफलता का श्रेय अपनी बेटी की मेहनत और संघर्ष को देते हैं। अंकिता राजपूत की इस सफलत पर उसके परिजनों-मित्रों द्वारा बधाइयां और शुभकामनाएं दी जा रही हैं।


