सागर। स्कूल बस चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने शुक्रवार को सागर-छतरपुर फोरलेन मार्ग पर कर्रापुर के पास चक्काजाम कर दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब पांच घंटे तक चले इस चक्काजाम के बाद नरयावली विधायक और पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने पर परिजन शांत हुए।
अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया चालक
मृतक के भांजे राहुल राजपूत ने बताया कि उनके मामा बृजेंद्र सिंह, निवासी कर्रापुर,बंडा स्थित ओम साईं राम कॉन्वेंट स्कूल में बस चालक के रूप में कार्यरत थे। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे स्कूल प्रिंसिपल जितेंद्र सेन का फोन आया कि बृजेंद्र सिंह को सागर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजन दोपहर करीब 1 बजे अस्पताल पहुंचे, जहां बृजेंद्र सिंह को मृत अवस्था में पाया गया। अस्पताल स्टाफ ने बताया कि उन्हें मृत अवस्था में ही लाया गया था।
परिजनों का आरोप है कि बृजेंद्र सिंह की मौत सामान्य नहीं है और इसके पीछे साजिश हो सकती है। इसी संदेह के चलते शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने दोपहर करीब 12 बजे सागर-छतरपुर फोरलेन पर चक्काजाम कर दिया। वे निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।
करणी सेना व जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर
सूचना मिलने पर करणी सेना के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। करणी सेना संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह, अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह व महासचिव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह सागर की पहली घटना नहीं है, जिले में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
शाम को नरयावली विधायक प्रदीप लारिया भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा कर उन्हें समझाइश दी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने परिजनों से ज्ञापन लेकर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। लगभग पांच घंटे बाद परिजनों ने चक्काजाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

