माँ की छठवीं पुण्य तिथि पर मरीजों का किया जाएगा पूरी तरह निशुल्क इलाज- मनी सिंह
मकर संक्रांति पर जरूरतमंद मरीजों को दिए जाएंगे कंबल, होगा प्रसाद का वितरण
सागर। ऐसा कहा जाता है की मां में ईश्वर बसता है,या यू कहे की मां की ममता के आगे तो ईश्वर भी बाल रूप में आकर बाल लीलाएं करने विवश हो जाते है,एक मां होती जन्म देने वाली,और मां होती हैं पालने वाली,लेकिन जन्म देने वाली मां से कही ऊंचा दर्जा पालने वाली मां का होता है,इसका सबसे सटीक उदाहरण हमारे शास्त्रों में द्वापर युग और कृष्ण अवतार में मिलता है,भगवान कृष्ण ने देवकी मैया के यहां जन्म लिया परन्तु उनका पालन पोषण मां यशोदा ने किया,आज भी कृष्ण की मां होने का गौरव माता यशोदा को प्राप्त है।
सारा संसार उन्हें कृष्ण की मां कहता है,इसका मतलब हर युग में पालने वाली मां का दर्जा ऊंचा रहा है,वही अगर हम सांसारिक व्यवस्था की बात करें तो ऐसी अनेक संताने है जिन्हें जन्म किसी और मां ने दिया और पालन किसी और मां ने किया,इन्हीं में से एक है मकरोनिया क्षेत्र के चर्चित समाजसेवी,नर्म,गर्म,और भावुक स्वभाव वाले मनी सिंह गुरौन,इनकी कहानी किसी फिल्मी कहानी जैसी लगती है,क्योंकि इन्हें एक दो नहीं बल्कि तीन तीन मांओ का प्यार मिला,एक ने जन्म दिया,दूसरी ने पाला,और तीसरी(चाची)ने पुत्र से ज्यादा स्नेह दिया,इसे इनका सौभाग्य ही कहेंगे,क्योंकि दुनिया में कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें मां का प्यार नसीब नहीं हुआ,आप सोच रहे होंगे की मां का प्रसंग आखिर क्यों,तो हम आपको बता दे की मनी सिंह गुरौन की दिवंगत(छोटी मां)सतवंत कौर गुरोन की आगामी 14 जनवरी मकर संक्रांति पर छठवीं पुण्य तिथि है,14 जनवरी मनी सिंह गुरौन के लिए विशेष और भावुक करने वाला दिन है,दिवंगत मां को एक बेटे द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य इस दिन सतनाम नर्सिंग होम में आने वाले मरीजों का निशुल्क इलाज,दवाई सहित किसी भी प्रकार का शुल्क ना लेने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा ठंड के मौसम में जरूरत मंदो को कुछ राहत पहुंचाने की मंशा से मनी सिंग ने कंबल बांटने का निर्णय भी लिया है,14 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक कंबल के साथ साथ खीर,तिल के लड्डू,सहित भोग प्रसाद अस्पताल आने वाले मरीजों को दिया जाएगा।इससे पहले भी मनी सिंह का मां के प्रति स्नेह नजर आ चुका है,दरअसल कुछ माह पहले मनी सिंह गुरौन की मां डॉ त्रिपत कौर का अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया था,जिन्हें चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था,जिनकी हालत बेहद नाजुक थी,लेकिन मनी सिंग का मां के प्रति स्नेह और ईश्वर से की गई प्रार्थनाओं की बदौलत मां ठीक हो गई और आज पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर मरीजों का इलाज कर रही है।

