सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी जनपद की गुगवारा ग्राम पंचायत के पड़रई गांव में अचानक उल्टी-दस्त की बीमारी फैलने से हड़कंप मच गया है। गांव में कई लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बीमार ग्रामीणों को तत्काल इलाज के लिए देवरी और सागर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दो लोगों की मौत, दर्जनों बीमार
मिली जानकारी के अनुसार, उल्टी-दस्त से पीड़ित चार वर्षीय बालक कृष्णा और 28 वर्षीय महिला मनीषा को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। बताया गया है कि मनीषा गर्भवती थी, जिससे परिजनों का दुख और गहरा हो गया है। गांव में लगातार नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग ने संभाली कमान
गांव में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। विभाग ने आपात स्थिति घोषित करते हुए स्वास्थ्य शिविर लगाया है, जहां ग्रामीणों की जांच और उपचार किया जा रहा है। बीमार लोगों को दवाइयां और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विभाग की ओर से बताया गया कि आधा दर्जन से अधिक स्वास्थ्यकर्मी लगातार गांव में डटे हुए हैं। जलजनित संक्रमण की आशंका को देखते हुए जल स्रोतों में क्लोरीन और दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से साफ-सफाई और उबला पानी पीने की अपील की है ताकि बीमारी का प्रसार रोका जा सके।
प्रशासन और स्वास्थ्य अमले की सतर्कता
देवरी जनपद के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि बीमारी के मूल कारण का पता लगाया जा सके। साथ ही गांव में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें ग्रामीणों को स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के महत्व के बारे में बताया जा रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द साफ पेयजल की व्यवस्था करे, क्योंकि संदिग्ध पानी ही इस बीमारी के फैलने की बड़ी वजह मानी जा रही है।
गांव में फिलहाल स्वास्थ्य अमला चौबीसों घंटे निगरानी में है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि किसी भी नए मामले को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। जिले की CMHO जिनपर लंबे समय से आरोप लग रहे हैं कार्यप्रणाली में उदासीनता के मीडिया से बात करने बच रहीं हैं।

