सागर। विठ्ठल नगर वार्ड शमशान घाट के पास लगी जानकी रमण मंदिर ट्रस्ट की भूमि है वार्ड पार्षद और निगम ठेकेदारों का विवाद जड़ – लक्ष्मीकांत राज
विट्ठल नगर वार्ड के जानकी रमण मंदिर ट्रस्ट की 4 एकड़ भूमि गुपचुप बिकी
विगत दिनों हुए विठ्ठल नगर वार्ड पार्षद और निगम ठेकेदारों के बीच विवाद पर आप नेता लक्ष्मीकांत राज ने बताया कि अवैध प्लाटिंग के खिलाफ जहां जिला प्रशासन एवं नगर निगम कार्यवाही करने की फिराक मे बही दूसरी ओर कतिपय सफेद पोस मंदिर ट्रस्ट की भूमि की खरीद फरोख्त करने मैं लगे हुए हैं मामला विट्ठल नगर वार्ड में स्थित शमशान घाट पास लगी देव श्री जानकी रमण मंदिर ट्रस्ट की 4 एकड़ भूमि से जुड़ा हुआ है जिसे जून 2022 में मंदिर के महंत द्वारा कतिपय लोगों को बेच दिया इस जमीन को बिकने के बाद उस पर कॉलोनी काटने के संबंध मे आम आदमी पार्टी जिला मीडिया प्रभारी लक्ष्मीकांत राज ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर आपत्ति जताई।
आप नेता लक्ष्मीकांत राज ने कहा कि उक्त भूमि जानकी रमण मंदिर ट्रस्ट के संचालन के लिए है न कि महंत की
अगर जिला प्रशासन द्वारा इस मामले में कोई ठोस कार्यवाही नहीं करती तो आम आदमी पार्टी को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
*जमीन किसकी अनुमति से बिकी कोई जबाव नहीं दे रहा*
आप नेता लक्ष्मीकांत राज ने पर करीब 50- 60 बरसों से जोराबल पटेल, हलकई पटेल एवं उनका परिवार कृषि कार्य करते आ रहे थे। परन्तु उनके जीवित रहते हुए उक्त भूमि के विक्रय के संबंध मे कभी कोई चर्चा नहीं की क्योंकि बह भूमि उनकी नहीं थी बल्कि देव श्री जानकी रमण मंदिर ट्रस्ट की थी बे लोग उस भूमि पर काश्तकार की हैसियत से काबिज थे।
लेकिन पिछले दिनों जीवनलाल बल्द जोराबल पटेल , देवेन्द्र बल्द हलकई पटेल रामचरण पटेल ने उस जमीन को प्रियांशु जैन और मनोहर साहू को बेच दिया मंदिर ट्रस्ट की बह जमीन पटवारी हल्का नंबर 66 खसरा नंबर 110 रकबा 0.6600 पर दर्ज है। इसी तरह सुरेंद्र जैन तथा अनिल पटेल को भी 2.26 बेची है अब वह खरीददार कुल मिलाकर 3.39 एकड़ भूमि पर सामूहिक रूप से अवैध कालोनी का निर्माण कर रहे हैं।
ट्रस्ट की भूमिका संदिग्ध रातों रात कैसे बिक गई वेश कीमती भूमि
इस जमीन की खरीद फरोख्त मैं ट्रस्ट की भूमिका संदिग्ध है जानकारी के अनुसार उक्त ट्रस्ट के करँदा सारस गोस्वामी बल्द सुनील गोस्वामी वार्ड वासियों का कहना है कि उस ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है, उन्होंने इस जमीन बिक्री के संबंध मे सार्वजनिक रूप से कभी चर्चा नहीं की न ही कभी कोई समाचार पत्रों के माध्यम से या अन्य किसी माध्यम से सूचना प्रकाशित कराई पटवारी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।