सेना ने कैम्पस में चंदन के पेड़ काटने और चोरी करने वाले चोरों को पुलिस के हवाले किया, प्रशासन से सेना की अपील
सागर। सेना की रेजिमेंट के प्रशिक्षण क्षेत्र की फेंसिंग को क्रास करके चोरों के द्वारा पिछले एक महीने में चंदन के करीब 20 से 25 पेड़ों को काटकर चोरी कर लेने की बात सामने आई हैं।
दरअसल, सेना की यूनिट 56 अभियन्ता सैन्य दल को अपने इलाके इस कार्यवाही की सूचना मिली कि चोरों ने लकडी काटने के साथ 2 जवानों की लाइन में प्रवेश करके उनके 21000 रुपये नकद एवं 35 से 40 हजार रुपये की कीमती सामान भी चोरी कर लिया था।
सेना द्वारा बताया गया कि इन सभी वारदातों को ध्यान में रखकर इस पर सेना ने तुरंत कार्यवाही करते हुये अपने जवानों को अपर निगरानी रखने के लिए तैनात कर दिया। जागरुक जवानों ने चोरों की टीम की घेराबंदी कर दी। और मौके पर दो चोरों को पकड लिया बाकी 6 चोर मौके से फरार हो गये। इन चोरों ने सेना के जवानों पर पत्थरों और लकडी से हमला किया। पकडे हुये दोनों चोरों को मकरोनिया थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
सेना के परिसर में घुसकर चोरी व हमला किया
चोरों का इस तरह सेना के क्षेत्र में फेंसिंग को तोडकर अंदर आना सेना के नजरिये से और सुरक्षा की दृष्टि से भी संदेहास्पद और असुरक्षित है। उनके हाथों में तेज धारवाले हथियार भी थे जिनसे पेडों को काटकर पिछले महीने से ले जा रहे थे।
जवानों की टीम ने दिनांक 25 और 26 जुलाई को पुनः उनको लकडी काटते हुये पकडा जिसमें उन्होंने कई चंदन के पेडों को काटा जिसे सैनिकों ने बरामद करते हुये उनके फोटो भी ले लिए और उनको चेतावनी दी तो बदले में जवानों पर चोरों ने पत्थरों से हमला कर दिया। जवानों ने इनके धारदार हथियार एवं लकडी बरामद की है। इस प्रकार की कार्यवाही सेना के क्षेत्र में असुरक्षा को बढाती हैं जिनसे सेना की गरिमा और जवानों की अति हुयी है जोडि बहुत ही अनैतिक है। जवानों पर प्रहार करने उनको नुकसान पहुंचाने तथा सेना की सुरक्षा में सेंध लगाने का यह कार्य निंदनीय है। प्रशासन द्वारा इन पर संज्ञान लेने की विशेष आवश्यक्ता है। इनको दण्डित करने एवं प्रशासनिक कार्यवाही करने की जरूरत है। जिससे सेना एवं सैनिकों की गरिमा को बचाया जा सके।
सेना के द्वारा प्रदान की गयी जानकारी अनुसार विगत माह में सेना के अधिकारि के आवास से भी चोरों के द्वारा कीमती सामान एवं नगद धनराशि को चोरी किया गया था। जिसका प्रशासन के द्वारा अभी तक कोई सुराग नही लगा हैं। सेना ने प्रशासन से अपील है कि उपरोक्त मामलों में संज्ञान लेकर इन अर्यवाहियों को रोकने में अपना योगदान करें।
चैनल एडिटर- गजेंद्र ठाकुर- 9302303212