सागर में पुलिस अधिकारी बताकर युवती से लाखों की ठगी, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर खातों में डलवाए 14 लाख रुपए

पुलिस अधिकारी बताकर युवती से लाखों की ठगी, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर खातों में डलवाए 14 लाख रुपए

सागर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी के मामले आए दिन सुनने को मिल रहे है। जिसमें पीड़ित को पुलिस अधिकारी बनकर आरोपी डिजिटल अरेस्ट करने के नाम पर लाखों, करोड़ों का चूना लगा देते है। ऐसा ही एक मामला मकरोनिया थाना क्षेत्र से सामने आया है। जहां एक सोफ्टवयर इन्जीनियर युवती के साथ आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी देकर उससे लगभग 14 लाख रुपए की ठगी कर ली। जब युवती को इस ठगी की जानकारी लगी तो युवती ने इसकी शिकायत मकरोनिया थाना में की। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।
पुलिस ने बताया कि फरियादिया सपना पिता हाकिम सिह ठाकुर निवासी एलआईजी 863 दीनदयाल नगर मकरोनिय ने थाना में आकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें उन्होंने बताया कि मैं सोफ्टवेयर इन्जीनियर हुँ बैगलोर में जोब करती हूँ। 6 जनवरी 2025 की दोपहर करीब तीन बजे मैं अपने घर पर थी। तभी मेरे मोबाईल पर मोबाईल नम्बर 8810894306 से काल आया। काल करने वाली महिला ने बताया कि मंै टेलीक्न्यूकेशन विभाग से बात कर रही हूँ आपके आधार से लिंक नम्बर एवं आपके द्वारा उपयोग किये जा रहे नम्बर को बंद किया जा रहा है, क्यों कि आपके नम्बर पर अनाधिकृत विज्ञापन और मानव तस्करी एवं मनी लाउन्डिंग के केशा दर्ज है। आप दिल्ली पुलिस से सम्पर्क करे या मैं आपको साईवर पुलिस से कनेक्ट कर सकती हूँ। उसकी बातों में आकर मैंने कनेक्ट करने को कहा, तो उन्होंने मुझे दूसरी लाईन पर किसी व्यक्ति से बात कराई जिसने बताया कि आपके नम्बर पर कई एफआईआर दिल्ली में दर्ज है।
0 वीडियो काल पर बर्दी पहने व्यक्ति ने दी धमकी
एफआईआर दर्ज होने की बात से में डर गई। जिसके बाद उन्होंने मेरे नम्बर पर विडियो काल किया। जिस काल में पुलिस स्टेशन जैसा सेट अप दिख रहा था और बर्दी पहने व्यक्ति दिख रहा था। जिसने कहा कि आपको अनाधिकृत विज्ञापन और मानव तस्करी एवं मनी लाउन्डिंग के केश डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। आपको 24 घण्टे वीडियो सर्विलाईन्स में रहना होगा और मुझे लिख दो की आप इस केश में शामिल नहीं हो। इसकी जाँच सीबीआई कर रही है, तो मैंने एक एप्लीकेशन व्हाटएप पर लिखकर भेजा।
0 सीबीआई अधिकारी बनकर की बात
एप्लीकेशन मिलने के बाद उन्होंने मुझे सीबीआई के हेडक्वाटर में कनेक्ट किया। उस पर सीबीआई आफीसर बनकर किसी व्यक्ति ने बात की। जिसने कहा आपको 5 लाख सिक्योरिटी बेल वाउन्ड भरना पड़ेगा। उन्होंने एक बैंक आफ महाराष्टा के खाता क्रमांक 60518229538 पर 5 लाख भेजने को कहा। मैंं उनकी बातों से डर गयी थी और गिरफ्तार होने के डर से मैंने 9 जनवरी 25 आरटीजीएस के माध्यम से अपने खातों से 5 लाख रुपये एवं 450023 आरटीजीएस कुल 9 लाख 50 हजार 23 रुपये उपरोक खाते मे भेज दिये। इसी दौरान वह 6 जनवरी से 14 जनवरी 25 तक लगातार मोबाईल नम्बर 8112032125,8018643124,934851899, 982700145, 7377914212 से विडियो काल पर सर्विलाईन्स करते रहें।
जमानत के नाम पर और लिए लाखों रुपए
रिपोर्ट में फरियादिया ने यह भी बताया कि आरोपी कभी नोटरी, वेल, जमानत एवं क्लीयरेन्स साटीफिकेट के रूप में अलग अलग किस्तों में फोन पे, गूगल पे, और एकाउन्ट ट्रान्सफर करावा कर 4 लाख 63 हजार 776 रुपये गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनके द्वारा दिये गये अलग अलग खातों में ट्रान्सफर करवाये इस तरह कुल 14 लाख 13 हजार 799 रुपये मुझसे धोखाधड़ी कर हड़प लिये और फिर वह लोग कहने लगे कि तुम्हारे माँ और पिता को भी इस केश में गिरफ्तार करेंगे तो मैं डर गई और मैंनेे पूरी बात अपने पिता हाकिम सिह और माँ जानकी देवी को बताई फिर वह लोग मुझे समझाकर थाने पर रिपोर्ट कराने के लिये लाए।