डिजिटल साक्ष्यों को लेकर बड़ा फैसला, ‘मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स नियम-2026’ लागू
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के तहत ‘मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स नियम-2026’ का राजपत्र (गजट) नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नए नियम लागू होने के बाद अब मोबाइल फोन का डेटा, व्हाट्सएप व अन्य चैट, ई-मेल, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल दस्तावेज अदालत में डिजिटल साक्ष्य पैकेज (Electronic Evidence Package) के रूप में प्रस्तुत किए जा सकेंगे। यह व्यवस्था डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संकलन, सत्यापन और न्यायालय में उनकी स्वीकार्यता को अधिक व्यवस्थित बनाएगी।
नई ई-साक्ष्य प्रणाली का उद्देश्य डिजिटल रिकॉर्ड्स की प्रामाणिकता और अखंडता (Integrity) बनाए रखना है, ताकि जांच एजेंसियां और अभियोजन पक्ष तकनीकी मानकों के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष पेश कर सकें। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित डिजिटल पैकेज में तैयार किया जाएगा, जिससे छेड़छाड़ की संभावना कम होगी और साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल माध्यम से जुड़े मामलों में यह व्यवस्था जांच और सुनवाई को अधिक प्रभावी बनाएगी। मोबाइल डेटा, चैट, ई-मेल, कॉल डिटेल्स सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स अब न्यायिक प्रक्रिया में पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित तरीके से उपयोग किए जा सकेंगे।


