कलेक्टर प्रतिभा पाल का औचक एक्शन: दो कार्यालयों में निरीक्षण, लापरवाही पर कर्मचारी निलंबित

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कलेक्टर प्रतिभा पाल का दो बड़े कार्यालयों में औचक निरीक्षण, लापरवाही पर कर्मचारी निलंबित; रिकॉर्ड प्रबंधन और समयबद्ध कार्यवाही के दिए सख्त निर्देश

सागर। जिले में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रतिभा पाल ने गुरुवार को नकल शाखा, अभिलेखागार तथा जिला पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों में लापरवाही और लंबित प्रकरण मिलने पर उन्होंने सहायक ग्रेड-3 सुधीर शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही रिकॉर्ड प्रबंधन को व्यवस्थित बनाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू करने और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए।

नकल शाखा और अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने समय-सीमा से बाहर लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन स्तरों पर प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित हैं, उनकी सूची तैयार कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड के रख-रखाव, प्राप्ति और निराकरण के लिए एसओपी तैयार की जाए तथा प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी और समय-सीमा स्पष्ट रूप से तय हो। उन्होंने लोकसेवा केंद्र के ऑपरेटर और रनर की प्रतिदिन शाखा में अनिवार्य उपस्थिति दर्ज कराने तथा लंबित प्रकरणों का दैनिक विवरण रजिस्टर में दर्ज करने के भी निर्देश दिए।

इसके बाद कलेक्टर ने जिला पंचायत कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी मौजूद रहे। कलेक्टर ने स्थापना, विकास, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर फाइलों और अभिलेखों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी हितग्राही अथवा विभागीय कार्य की फाइल बिना कारण लंबित नहीं रहनी चाहिए और सभी मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा रिकॉर्ड प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शासकीय अभिलेख सुव्यवस्थित और अद्यतन रखे जाएं, ताकि आवश्यक दस्तावेज आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपलब्ध हो सकें।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि जिला पंचायत ग्रामीण विकास की धुरी है और यहां आने वाले प्रत्येक हितग्राही की समस्या का त्वरित समाधान होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीएम अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, एसडीएम अमन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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