लापरवाही बरतने पर संभागायुक्त श्री सुचारी ने प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी को किया निलंबित
सागर। नगर परिषद जेरोन खालसा में व्यवस्थाओं में लापरवाही एवं शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने पर संभागायुक्त अनिल सुचारी ने प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोहन चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
कलेक्टर जिला निवाड़ी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के माध्यम अवगत कराया गया कि क्षेत्र भ्रमण एवं नगर परिषद में आयोजित जन चौपाल के दौरान नगर में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तों का समय पर भुगतान नहीं होने, स्वीकृत निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने तथा पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ नहीं मिलने के कारण नगरवासियों में असंतोष व्याप्त पाया गया। कलेक्टर द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि शासन द्वारा गीता भवन निर्माण की स्वीकृति जारी किए जाने के बाद भूमि चिन्हांकन के लिए निर्देश दिए गए थे, लेकिन श्री मोहन चौरसिया, मूलपद राजस्व उपनिरीक्षक एवं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद जेरोन खालसा द्वारा इस संबंध में अपेक्षित रुचि नहीं ली गई। इसके अतिरिक्त शासन के निर्देशानुसार अक्टूबर 2025 से ऑडिटोरियम निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर भेजा जाना था, जो तैयार नहीं किया गया। श्री चौरसिया द्वारा पूर्व में पेयजल संबंधी वीडियो कॉन्फ्रेंस में बिना सूचना एवं सक्षम अधिकारी की अनुमति के अनुपस्थित रहने तथा जिला स्तरीय टीएल बैठकों में स्वयं उपस्थित न होकर अन्य कर्मचारियों को भेजने की भी जानकारी प्राप्त हुई। मुख्यालय पर निवास नहीं करने के संबंध में जारी कारण बताओ सूचना पत्र का भी उनके द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
उक्त कृत्या अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता के दोषी पाए गए। उनका उक्त कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के उपनियम का उल्लंघन पाया गया। इसी आधार पर मोहन चौरसिया को मध्यप्रदेश नगरपालिका सेवा (कार्यपालन) नियम 1973 के नियम 36 एवं मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत संभागायुक्त अनिल सुचारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।


