शहर में बढ़ता ट्रैफिक जाम: दिन ही नहीं, अब बारातों के चलते शाम से ही सड़कों पर बिगड़ रहे हालात
गजेंद्र ठाकुर- सागर। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। पहले जहां दिन के समय ही मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनती थी, वहीं अब शाम ढलते ही बारातों और आयोजनों के कारण सड़कों पर लंबा जाम लगना आम बात हो गई है। शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और बाजार क्षेत्रों में रोजाना वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विशेष रूप से शादी-ब्याह के सीजन में बारातों का बिना किसी पूर्व ट्रैफिक प्लान के मुख्य सड़कों से गुजरना समस्या को और गंभीर बना रहा है। बैंड-बाजे और डीजे के साथ चलने वाली बारातें अक्सर पूरी सड़क घेर लेती हैं, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो जाती है।
शहरवासियों का कहना है कि जाम के दौरान न तो स्थानीय थाना पुलिस मौके पर दिखाई देती है और न ही यातायात पुलिस की कोई व्यवस्था रहती है। ऐसे में वाहन चालक स्वयं ही रास्ता निकालने की कोशिश करते हैं, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है। कई स्थानों पर छोटी-छोटी कहासुनी भी विवाद का रूप ले लेती है।
व्यापारियों और आम नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शादी समारोहों के लिए निर्धारित मार्ग तय किए जाएं और बारातों के लिए समय सीमा भी निर्धारित की जाए। साथ ही प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में शाम के समय विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाए, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।
ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। शहर में बढ़ते वाहनों की संख्या और अव्यवस्थित यातायात प्रबंधन को देखते हुए स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।


