डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर केन्द्रीय जेल सागर में निरुद्ध आजीवन कारावास से दंडित 9 बंदियों को किया जाएगा रिहा
सागर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती 14 अप्रैल 2026 के अवसर पर राज्य शासन द्वारा केन्द्रीय जेल सागर से आजीवन कारावास के दंडित 08 पुरुष+01 महिला बंदी सहित कुल-09 बंदियों को रिहा किया जायेगा। मध्यप्रदेश शासन जेल विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश दिनांक 27-05-2025 के अंतर्गत आजीवन कारावास से दंडित बंदियों को सजा में विशेष माफी प्रदान की जा रही है। इस नीति के अंतर्गत ऐसे बंदी जो बलात्कार पॉक्सो अधिनियम आदि प्रकरणों में आजीवन कारावाम से दंडित है। उन्हे किसी भी प्रकार माफी प्रदान नहीं की गई है। रिहा किए जा रहे बंदियों को जेल में निरूद्ध रहने के दौरान टेलरिंग, कारपेन्टरी, लौहारी, भवन निर्माण मिस्त्री, प्रिंटिंग प्रेस, हथकरघा, बुनाई उद्योग आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि वह समाज पुनर्वासित होकर आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर सके।
मुख्यमंत्री महोदय डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन की रिहाई दिशा-निर्देश में आवश्यक संशोधन किया गया है और अब आजीवन कारावास से दंडित बंदियों को वर्ष में 05 अवसरों पर रिहा किया जाएगा। पूर्व में गणतंत्र दिवस, अम्बेडकर जयंती, स्वतंत्रता दिवस एवं गांधी जयंती पर बंदी रिहा किये जाते थे। किन्तु अब राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस (15 नवम्बर) को भी आजीवन कारावास से दंडित बंदियों को पात्रतानुसार रिहा किया जाएगा।
जेल उप अधीक्षक श्री मनोज मिश्रा (जेलर प्रशासन) ने रिहा होने वाले बंदियों से उन्हे पुनः अपराध नहीं करने की अपील की है साथ ही उनसे अपेक्षा की है कि, उन्होनें जेल में परिरूद्ध रहने के दौरान जो कौशल और प्रशिक्षण अर्जित किया है उसका उपयोग अपने परिवार के जीविकोपार्जन एवं अच्छे समाज के नव-निर्माण में सहभागी बनने के लिए करेंगें।
रिहा होने वाले बंदियों की सूची
विमलाबाई पति शीलचंद जैन, महेश पिता खिलान पटैल, रघुनाथ पुत्र देवी प्रसाद आदिवासी, लक्ष्मण पिता चिरौजी सौर, बाबू पिता दयाराम आदिवासी, श्रीराम उर्फ मुन्ना पिता प्रहलाद सिंह राजपूत, विज्जू उर्फ विजय पिता श्यामलाल आदिवासी, विनोद पुत्र लीलाधर अहिरवार, हल्ला उर्फ शाहरूख पिता सलीम


