कार्य में प्रगति न देने वाली निर्माण एजेंसी पर पेनल्टी लगाए,जेडी, डीईओ प्रिंसिपल के साथ निरीक्षण कर हैंड ओवर की कार्यवाही करे – संभाग कमिश्नर
सागर। कार्य में प्रगति न देने बाली निर्माण एजेंसी पर अधिकतम पेनाल्टी लगाए, जेडी, डीईओ बीडीसी एवं पीआईयू के अधिकारी संयुक्त रूप से प्रिंसिपल के साथ निरीक्षण कर हैंड ओवर की कार्यवाही करे। साथ ही पूर्ण हो चुके भवन को 26 जनवरी से शुरू करे। उक्त निर्देश संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने संभाग के निर्माणाधीन संदीपनी विद्यालयो की समीक्षा बैठक में दिए। इस अवसर पर जॉइंट कमिश्नर श्री राजेश शुक्ला, जेडी श्री एस पी एस विशेन, श्री एम कुमार, बीडीसी पीआईयू के अधिकारी मौजूद थे।
संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने कहा कि उन्होंने निर्देश दिए कि सांदीपनि विद्यालय का भवन आधुनिक एवं सर्व सुविधायुक्त बनाएं। विद्यार्थियों के सुझाव भी आमंत्रित करें और अवलोकन भी कराएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का भवन एवं शौचालय दिव्यांग फ्रेंडली होना चाहिए। विद्यालय की छत पर रेलिंग्स बनवाएं ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बालक एवं बालिकाओं के अलग-अलग शौचालय बनाए जाएं। दोनों शौचायलयों के बीच पर्याप्त स्थान रखा जाए, आवश्यकता हो तो बीच में बड़ा हॉल या एक कक्ष बनाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय के क्लासरूम में प्रकाश, पीने के पानी, साफ-सफाई, सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जावे। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालय के भवन को जल्द से जल्द फाइनल करके हैंडओवर करना सुनिश्चित करें।
बैठक में बताया गया कि सागर संभाग में 37 सांदीपनि विद्यालय निर्माणाधीन हैं जिनमें सागर में 11, दमोह-छतरपुर में 6-6, पन्ना में 8, टीकमगढ़ में 4 एवं निवाड़ी में 2 विद्यालय बन रहे हैं। संभागायुक्त श्री सुचारी ने दमोह, छतरपुर के सांदीपनि विद्यालय में प्रगति न आने पर अप्रसन्नता व्यक्त की एवं निर्देश दिए कि संबंधित निर्माण एजेंसी पर पेनाल्टी लगाएं एवं समय सीमा में निर्माण पूर्ण कराएं। उन्होंने गढ़ाकोटा एवं बीना सांदीपनि विद्यालय के निर्माण कार्य में हो रही देरी के संबंध में आवश्य निर्देश देते हुए कहा कि नए सत्र अप्रैल के पूर्व भवन का कार्य पूर्ण किया जाए साथ में जो भवन पूर्ण हो चुके हैं किंतु लोकार्पित नहीं हुए हैं उनमें कक्षाओं का संचालन शुरू करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में पेयजल की उचित व्यवस्था की जावे साथ में शौचालय की स्वच्छता बनाए रखने के लिए लगातार मॉनीटरिंग की जावे। उन्होंने निर्देश दिए कि सांदीपनि विद्यालयों का रखरखाव शासन के निर्देशानुसार एवं गाइडलाइन के अनुसार सुनिश्चित किया जाए।

