कर्ज से बचने के लिए पत्नी की हत्या की कोशिश,35 लाख के लोन को लेकर पति ने की बेरहमी, फिनाइल पिलाकर जान लेने का प्रयास
सतना (मध्य प्रदेश)। जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से घरेलू हिंसा और आर्थिक शोषण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वार्ड नंबर-10 स्थित संत नगर बगहा में एक व्यक्ति ने पत्नी के नाम पर लिया गया करीब 35 लाख रुपये का कर्ज चुकाने से बचने के लिए उसकी जान लेने की कोशिश की। आरोप है कि पति ने पहले पत्नी के साथ मारपीट की और बाद में फिनाइल की गोलियां घोलकर उसे जबरन पिला दी।
घटना के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने हालत गंभीर देख उसे तुरंत एक निजी अस्पताल पहुंचाया। समय रहते इलाज मिलने से महिला की जान बच सकी। वारदात के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और लोग घटना को लेकर आक्रोश जता रहे हैं।
पत्नी के नाम पर बनाई फर्म, उसी से लिया कर्ज
पीड़िता पूर्णिमा त्रिपाठी ने पुलिस को बताया कि उसके पति अनुराग त्रिपाठी ने उसके नाम से ‘रूदा इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म पंजीकृत कराई थी। यह फर्म सर्जिकल सामग्री के कारोबार से जुड़ी बताई जा रही है। इसी फर्म के नाम पर लगभग 35 लाख रुपये का लोन लिया गया। कर्ज की किस्तों और पैसों के इस्तेमाल को लेकर पति-पत्नी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था।
घर पहुंचकर हमला, फिर जहर पिलाने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी उसके घर आया। दरवाजा खुलते ही उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट करने लगा। हमले में महिला के चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। इसके बाद आरोपी ने बाथरूम में रखी फिनाइल की गोलियों को पीसकर पानी में मिलाया और उसे जबरन पिला दिया। महिला का कहना है कि इस दौरान आरोपी ने कहा कि उसके मरने से 35 लाख रुपये का कर्ज खत्म हो जाएगा। वारदात के बाद वह उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर भाग गया।
अस्पताल से थाने तक पहुंचा मामला
किसी तरह होश में आने पर पीड़िता ने परिजनों को सूचना दी। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। इसके बाद गुरुवार को पीड़िता सिविल लाइन थाना पहुंची और पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति अनुराग त्रिपाठी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस
सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले से जुड़े लोन, फर्म के पंजीयन और आर्थिक लेन-देन से संबंधित सभी कागजातों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी के इरादे और घटनाक्रम की पूरी कड़ी को जोड़ते हुए विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला घरेलू हिंसा, आर्थिक धोखाधड़ी और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों की ओर इशारा करता है।
कर्ज से बचने के लिए पत्नी की हत्या की कोशिश,35 लाख के लोन को लेकर पति ने की बेरहमी, फिनाइल पिलाकर जान लेने का प्रयास
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