सागर में ट्रस्ट की जमीन बिक्री में बड़ा खुलासा, मोहत्तमकार ने बहु और साले को कौड़ियों के भाव बेचें भूखंड

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देव श्री जानकी रमण मंदिर ट्रस्ट घोटाला घरवालों को भी बेची गई जमीन

ट्रस्ट की जमीन बीकी में खुला बड़ा खेल मोहत्तमकार ने बहु और साले को कौड़ियों के भाव बेचें भूखंड

सागर। आम आदमी पार्टी नेता लक्ष्मीकांत राज ने ट्रस्ट जमीन बिक्री को लेकर बताया कि विठ्ठल नगर वार्ड स्थित देव श्री जानकी रमण मंदिर ट्रस्ट (क्रमांक 178) बेस कीमती जमीन खरीद फरोख्त में परिवारिक घोटाला उजागर हुआ है दरअसल इस ट्रस्ट जमीन की बिक्री केवल बाहरी लोगों को ही नहीं हुई बल्कि ट्रस्ट की पूर्व मोहोत्तमकर रही रामकली गोस्वामी (दिवंगत) ने अपनी बहु और बहु के भाई को भी सरकारी नियमों को दरकिनार करते हुए भूखंड ब खेतिहर भूमि बेची यह खुलासा ट्रस्ट के कर्ताधर्ताओं द्वारा अपने पद दुरुपयोग कर अपनो को फायदा पहुंचाने की ओर इशारा करता है।

दस्तावेजों में अपने पति का नाम छिपाकर बेची गयी

ट्रस्ट की जमीन संबंधी बिक्री के दस्तावेजों से स्पष्ट होता हैं कि तत्कालीन मोहत्तमकार रही स्व रामकली गोस्वामी ने अपनी बहु आरती गोस्वामी और उसके भाई त्रिवेन्द्र कुमार चौबे को बेस कीमती जमीन ब प्लाट बेचे बताया जाता है कि जमीन के इस हस्तांतरण में स्व गोस्वामी के बेटे और करनदा सुनील गोस्वामी की महत्वपूर्ण भूमिका रही हैं नियमुसार जमीन के दस्तावेजों मैं आरती गोस्वामी की पहचान के रूप में उनके के पति सुनील गोस्वामी के रूप में होना चाहिए था लेकिन आमजन को गुमराह करने के लिए खरीद बिक्री दस्तावेजों में आरती के पिता और सुनील के ससुर महेंद्रकुमार चौबे उल्लेख किया गया है। जानकारी के अनुसार यह सभी रजिस्ट्रियां बीते कुछ साल पहले ही की गई थी जो जमीन व प्लाट बेचे गए। वह माडिया कबूला के पटवारी हल्का नंबर 79 के खसरा नंबर 135 और पटवारी हल्का नंबर 79 के मौजा भैंसा में स्थित है

गुरु- चेला प्रथा का मंदिर रिश्तेदार बनने लगे मोहत्तमकार

आम आदमी पार्टी के नेता लक्ष्मीकांत राज ने मोहत्तमकार कारणदास समेत प्रशासन पर गम्भीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि इस ट्रस्ट में लंबे समय से पुरानी अनुमतियों की आड़ में जमीन बेचने का खेल चल रहा है वैसे भी यह ट्रस्ट मंदिर की व्यवस्था के मुताबिक नहीं किया गया। यह मंदिर मूलतः गुरु – चेला प्रथा पर आधारित है। यानि मंदिर का अगला मोहत्तमकार बही व्यक्ति बनेगा जो वर्तमान मोहत्तमकार का शिष्य हो।
लेकिन यहां तो एक ही परिवार के लोग एक के बाद एक ट्रस्ट के संचालक बने रहे। जो अब जमीनें महंगी होने पर उन्हें खुर्द बुर्द कर रहे हैं। विठ्ठल नगर वार्ड के लोगो कहना है कि ट्रस्ट के कर्ताधर्ता जिसमे बीजेपी नेता और ट्रस्ट कारणदा सुनील गोस्वामी भी शामिल है। एक निश्चिंत रणनीति के तहत यहां की जमीनें भू माफियायों को बेच रहे हैं।

बता दें इस तरह के मामलें और भी निकल कर आ सकते हैं जिसमें ट्रस्टों की जमीनों को निजी हित में बेचा जा रहा है इसमें शहर में मध्य से लेकर ग्रामीण इलाकों में इनका विस्तार हैं। प्रशासन को चाहिए अब स्वतः संज्ञान लेकर जांच बैठाई जानी चाहिए।

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