सीधी में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, 20 हजार की रिश्वत लेते एएसआई रंगे हाथ गिरफ्तार
रीवा लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार शाम सीधी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मझौली थाना परिसर में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) कमलेश त्रिपाठी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक उपेंद्र दुबे ने किया।
शिकायत पर हुई कार्रवाई
ग्राम टेकर निवासी पंकज तिवारी ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपने चेक से जुड़ी जानकारी के लिए आरटीआई आवेदन लगाया था। आरोप था कि जानकारी देने के एवज में एएसआई त्रिपाठी ने 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
लोकायुक्त टीम ने पहले शिकायत का सत्यापन किया और रिश्वत मांगने के सबूत मिलने के बाद शनिवार शाम करीब 7 बजे ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही एएसआई ने रिश्वत की राशि ली, टीम ने दबिश देकर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
आरोपी से देर रात तक पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद आरोपी एएसआई को सीधी के सर्किट हाउस ले जाया गया, जहां देर रात तक पूछताछ चलती रही। लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि उनसे अन्य मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है और जांच पूरी रात जारी रहेगी।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
लोकायुक्त टीआई उपेंद्र दुबे ने कहा, “हमारा उद्देश्य शासन-प्रशासन में पारदर्शिता लाना है। भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
इलाके में हड़कंप, शिकायतकर्ता ने जताई संतुष्टि
इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इससे साफ संदेश गया है कि अब रिश्वतखोर बच नहीं पाएंगे। वहीं शिकायतकर्ता पंकज तिवारी ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि लोकायुक्त की तत्पर कार्रवाई से उनकी उम्मीदें मजबूत हुई हैं और यह कदम आम लोगों को हिम्मत देगा।