रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व: सागौन तस्करी पकड़े जाने की रंजिश में वन सुरक्षा श्रमिक पर छह हमलावरों ने किया जानलेवा हमला
सागर/देवरी। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नौरादेही रेंज आरसी पूर्व अंतर्गत भीमसेन कैंप में तैनात वन सुरक्षा श्रमिक पर छह लोगों ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित श्रमिक भूपत ठाकुर (19) पिता मेघराज को पहले मिर्ची पाउडर झोंककर अंधा किया गया, फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया गया। इस हमले में उनका बायां हाथ टूट गया, वहीं पैर में भी गंभीर चोटें आई हैं। घायल भूपत ठाकुर ने बताया कि सोमवार शाम करीब 6 बजे वह कैंप की दूसरी मंजिल पर था, तभी दो मोटरसाइकिल पर सवार छह युवक पहुंचे और पानी मांगने लगे। पानी देने के दौरान ही उन्होंने आंखों में मिर्च झोंक दी और लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। मारपीट के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। पीड़ित ने हमलावरों में से एक को पहचानते हुए बताया कि उसका नाम गुलशन यादव है, जो सर्रा का विस्थापित निवासी है और वर्तमान में बरमान में रहता है।
डिप्टी रेंजर सुरेश कुमार गोंड के अनुसार, घायल हालत में भूपत ठाकुर को बीट गार्ड जयपाल वेगा और चौकीदार अरविंद गौड़ ने महाराजपुर होते हुए भीमसेन कैंप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उसे सागर रेफर कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि 15 मई को नरसिंहपुर जिले में वन विभाग ने एक स्कॉर्पियो से आठ सागौन की लकड़ी की सिल्ली जब्त की थी। इसी कार्रवाई का बदला लेने की नीयत से आरोपियों ने श्रमिक पर हमला किया। फिलहाल एक आरोपी की पहचान हो चुकी है, बाकी की तलाश जारी है। पुलिस और वन विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।