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गौवंश वध एवं गौ मॉस को कब्जे में रखने वाले 05 आरोपीगण को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड

रिपोर्ट: Arjun Sagar
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गौवंश वध एवं गौ मॉस को कब्जे में रखने वाले 05 आरोपीगण को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड

गौवंश वध एवं गौ मॉस को कब्जे में रखने वाले 05 आरोपीगण को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड

सागर । गौवंश वध एवं गौ मॉस को कब्जे में रखने वाले आरोपीगण मुन्नी उर्फ सोफिया, रब्बानी, जिलानी, मुब्बु एवं राजा उर्फ मुबीन को न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी आषीष शर्मा जिला-सागर की अदालत ने दोषी करार देते हुये सभी आरोपीगण को गौवंश प्रतिषेध अधिनियम की धारा- 4/9(1) के तहत 02-02 वर्ष सश्रम कारावास एवं पॉच-पॉच हजार रूपये अर्थदण्ड, धारा-5/9(2) के तहत 06-06 माह सश्रम कारावास एवं पॉच-पॉच हजार रूपये अर्थदण्ड तथा पुष क्रूरता अधिनियम के तहत 50-50 रूपये अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है। मामले की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री अमित जैन ने की ।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना प्रभारी केंट को दिनॉक 03.05.2015 को सूचना प्राप्त हुई जिसकी तस्दीक हेतु हमराह स्टाफ के साथ कजलीवन टपरिया गये थे । कंट्रोल रूम सागर को सूचना देने पर पर्याप्त बल मौके पर आने से रब्बानी मुसलमान, जिलानी, मुब्बु, राजा मकरानी मौके का फायदा उठाकर भाग निकले। मौके पर पहुॅचकर साक्षीगण के समक्ष मुन्नी उर्फ सोफिया के मकान की तलाशी दिनॉक 03.05.2015 को ली गई। मुन्नी उर्फ सोफिया के मकान के सामने से दो कमरे अंदर तीसरे कमरे में एक सफेद रंग की गाय जिसकी आधी गर्दन कटी हुई मृत, एक लोहे का धारदार बका, एक लोहे की आरी, एक सफेद गाय के कटे हुये चार पैर, एक चद्दर का पीका जिसमें गाय की चर्बी रखी है का तलाषी पंचनामा तैयार कर घटना स्थल से आरोपी मुन्नी उर्फ सोफिया को गिरफ्तार किया गया । थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-केंट द्वारा धारा-153क भा.दं.सं., 4/9(1), 5/9(1) गौवंष प्रतिषेध अधिनियम एवं 11(घ) पशु क्रूरता अधिनियम का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन उपरांेक्त विवेचना उपरांत यह प्रमाणित करने मे सफल रहा कि अभियुक्तगण ने दिनॉक 03.05.2015 केा कजलीवन टपरिया में सफेद रंग की गाय का वध उसको गौ मॉस का विक्रय करने के आषय से किया और गौ मॉस को अपने कब्जे में रखकर धारा 4 व 5 गौवषं प्रतिषेध अधिनियम का उलंघन किया और गाय को पीड़ा एवं यातना दी। जहॉ विचारण उपरांत न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी आषीश शर्मा जिला-सागर की न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुये उपर्युक्त सजा से दंडित कियाहै।

Arjun Sagar
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Arjun Sagar

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