सागर जैन समाज ने पंचकल्याणक में 108 थाल से अष्टद्रव्य समर्पित की

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सागर जैन समाज ने पंचकल्याणक में 108 थाल से अष्टद्रव्य समर्पित की
गजेंद्र ठाकुर✍️ सागत। इस युग के सर्वश्रेष्ठ संत,संत शिरोमणि आचार्य भगवंत गुरुदेवश्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के आशीर्वाद से परम पूज्य निर्यापक ज्येष्ठ श्रेष्ठ मुनि श्री 108 समय सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में चल रहे श्री 1008 जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव कर्रापुर में सकल दिगंबर जैन समाज सागर 11 दिसंबर रविवार को 108 थाल से अष्टद्रव्य समर्पित की ।

इसके पूर्व सागर जैन समाज कर्रापुर की पावन धरा पहुंचती है वहां पर ज्येष्ठतम मुनिश्री समयसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में एवं बा.ब्र. विनय भैया के निर्देशन में ध्वजारोहणकर्ता- सुरेन्द्र जी मनीष जी सट्टू कर्रापुर परिवार ने ध्वजारोहण कर पंचकल्याणक का विधिवत प्रारम्भ किया ध्वजारोहण में इसी भावना से धर्म ध्वजा फहराते है कि जिनधर्म की पताका यूँही फहराती रहे। मुख्य पांडाल में आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागर जी महाराज की महापूजन हुई तदुपरान्त ज्येष्ठ मुनिवर श्री समयसागर जी महाराज की दिव्य देशना हुई।

अनिल नैनधरा ने बताया मुनिराज ने अपने प्रवचन में अपने सम्यग्दर्शन को सक्रिय करने पर जोर दिया क्यूंकि सक्रीय सम्यग्दर्शन के बिना कल्याण संभव नहीं । इस अवसर पर सागर जैन समाज के सभी श्रावक श्रेष्ठियों के साथ अनेकानेक श्रद्धालु पंचकल्याणक में पहुँचे l

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