संभागीय कमिश्नर का BMC दौरा बिजली और फायर उपकरण स्पॉट पर परखे शिशु और ICU वार्ड भी देखें

बीएमसी अस्पताल में बिजली व्यवस्था और फायर उपकरणों की नियमित जांच करें- कमिश्नर श्री शुक्ला
अस्पताल के शिशु वार्ड और आईसीसीयू का किया कमिश्नर मूकेश शुक्ला ने निरीक्षण
सागर ।सागर संभाग के कमिश्नर मुकेश शुक्ला ने आज शासकीय बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज (BMC) से संबंधित अस्पताल में शिशु वार्ड सहित अन्य वार्डों की विद्युत व्यवस्था तथा आग बुझाने के उपकरणों का निरीक्षण किया। श्री मुकेश शुक्ला ने अस्पताल के शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू), आईसीसीयू और अन्य वार्डों का निरीक्षण कर विद्युत व्यवस्था तथा चिकित्सा उपकरणों को दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की बिजली व्यवस्था और फायर उपकरणों का संचालन व संधारण करने वाले अधिकारी-कर्मचारी उनकी नियमित रूप से जांच करें। खराब या टूट-फूट वाले उपकरण तथा विद्युत लाइनों को तत्काल सुधरवाया जाए निरीक्षण के दौरान बीएमसी के डीन डा. आरएस वर्मा और अस्पताल के अधीक्षक डा. एसके पिप्पल भी मौजूद थे। कमिश्नर श्री शुक्ला ने कहा कि बिजली की लाइनों और विद्युत उपकरणों तथा आग बुझाने के संयंत्रों के नियमित निरीक्षण के लिए शीघ्र ही एक समिति गठित होगी। समिति अस्पताल के प्रत्येक वार्ड और अन्य स्थलों का निरीक्षण कर सैफ्टी ऑडिट रिपोर्ट सौंपेगी।
श्री शुक्ला ने शिशु गहन चिकित्सा इकाई की दोनों यूनिट इन बोर्न और आउट बोर्न का निरीक्षण कर बिजली उपकरणों तथा अग्निश मन संयंत्रों की जानकारी ली। उन्होंने विद्युत व फायर व्यवस्था सम्हाल रहे अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नियमित जांच में यह देखा जाए कि किसी उपकरण या विद्युत लाइन में स्पार्किंग तो नही हो रही है या वे सही ढंग से कार्य नही कर रहे है। कमिश्नर ने आग बुझाने के संयत्र हाईडेंट को चलवाया जो चालू हालत में पाया गया। श्री शुक्ला ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि अस्पताल का फायर सिस्टम अपडेट है तथा सभी हाईडेंट और दो जॉकी पम्प चालू है।
श्री शुक्ला ने अधिकारियों से अस्पताल के उपकरणों के सुचारू संचालन के लिये बिजली की उपलब्धता (विद्युत लोड) की जानकारी भी ली उन्होंने बताया कि अस्पताल के उपकरणों के संचालन के लिए जितनी बिजली की जरूरत है, उससे अधिक उपलब्ध है। उपकरणों पर इलेक्ट्रिक लोड 14 किलोवाट का है, उसके विपरीत अस्पताल के पास 50 किलोवाट का प्रबंध है, जो पर्याप्त है। निरीक्षण के बाद कमिश्नर ने बताया कि स्मोक सेंसर स्थापित करने का कार्य भी चल रहा है।
कमिश्नर श्री शुक्ला ने गहन शिशु चिकित्सा इकाई में उपलब्ध वार्मर, मॉनीटर, आईसीसीयू में वेंटीलेटर आदि उपकरणों की जानकारी ली। उन्होंने शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) से आपात स्थिति में निकलने के लिए इमरजेंसी गेट की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। साथ ही इनवर्टर क्रय करने के लिए निर्देषित किया। श्री शुक्ला ने आग लगने जैसी आपात स्थिति पर काबू पाने के लिए पानी का पर्याप्त इंताजम रखने को कहा है। उन्होंने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के ऑपरेषन थियेटर में तैनात चिकित्सक से विद्युत उपकरणों की स्थिति की जानकारी भी ली। आईसीसीयू के निरीक्षण में कमिष्नर ने खराब एयर कंडीशन को तत्काल हटाने या दुरूस्त करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिशु वार्डों सहित अन्य वार्डों में बिजली फिटिंग दुरूस्त रखी जाए, कहीं भी बिजली के तार खुले न रहे। विद्युत से जुड़े सभी उपकरणों की जांच की जाए तथा जो खराब है, उन्हें तत्काल ठीक करवाया जाए।
अधिकारी के निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अधिकारी और चिकित्सक भी उपस्थित थे

ख़बर ✍️-9302303212

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here