वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व: विस्थापन प्रक्रिया को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
सागर, 17 अगस्त 2026। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रभावित गांवों के विस्थापन, परिसंपत्तियों के अंतर, पात्र-अपात्र हितग्राहियों के निर्धारण और मुआवजा भुगतान की स्थिति की प्रकरणवार समीक्षा की गई।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, डीएफओ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व रजनीश सिंह, भू-अर्जन अधिकारी, एसडीएम देवरी मुनव्वर खान, एसडीएम रहली कुलदीप पाराशर, वन विभाग के अधिकारी तथा प्रभावित गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे।
कलेक्टर पाल ने अरसी, देवलपानी, पटना मोहली, खपराखेड़ा, केरपानी, झमरा और पुटदेही सहित अन्य गांवों के लंबित जांच प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों का अंतिम निर्धारण करने के निर्देश दिए। गांव से बाहर रहने वाले परिसंपत्ति धारकों के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
कुछ संदिग्ध एवं लंबित प्रकरणों में री-वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही परिसंपत्तियों में अंतर और हितग्राहियों के बैंक खातों से संबंधित जानकारी 15 दिवस में संकलित कर मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए।
केसली, खमरापठार, आंखीखेड़ा, सर्रा (अरई) और झमरा गांवों में परिसंपत्तियों का भुगतान होने के बाद राजस्व एवं निजी खसरों का वन विभाग के पक्ष में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर ने कहा कि विस्थापन प्रक्रिया में प्रभावित ग्रामीणों के हितों का ध्यान रखते हुए सभी प्रकरणों का पारदर्शी, नियमानुसार और समयबद्ध निराकरण किया जाए।


