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त्योहारों पर आगजनी और मिलावट रोकने प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने जारी किए निर्देश

By: गजेंद्र ठाकुर•
त्योहारों पर आगजनी और मिलावट रोकने प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने जारी किए निर्देश
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त्योहारों पर आगजनी और मिलावट रोकने प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने जारी किए निर्देश

सागर। आगामी त्योहारों के दौरान आमजन की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार यादव ने अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम और मिलावटी व अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के साथ खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी।

धार्मिक स्थलों से बाजारों तक अग्नि सुरक्षा पर नजर

कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त, कैंटोनमेंट बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीएम, नगर दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारियों, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रमुख धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों, मेला स्थलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में अग्निशमन वाहनों एवं कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

अस्थायी पंडालों में ज्वलनशील सामग्री के उपयोग पर नियंत्रण रखने के साथ विद्युत कनेक्शन और सजावटी लाइटों की जांच की जाएगी। ओवरलोडिंग और खुले तारों जैसी खामियों को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन स्थलों पर अग्निशामक यंत्र, रेत और पानी की उपलब्धता तथा फायर ब्रिगेड के आवागमन के लिए पर्याप्त रास्ता रखने को कहा गया है।

इसके अलावा आतिशबाजी विक्रय स्थलों, अस्थायी दुकानों और भीड़भाड़ वाले बाजारों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। अग्निशमन वाहनों और संचार प्रणालियों को चालू हालत में रखने तथा आमजन को अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन नंबरों के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मिलावट की जांच के लिए हर अनुविभाग में पांच सदस्यीय दल

त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने जिले के सभी अनुविभागों में विशेष जांच दल गठित करने का आदेश जारी किया है। प्रत्येक दल अनुविभागीय दंडाधिकारी के नेतृत्व में काम करेगा। इसमें तहसीलदार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, नापतौल निरीक्षक और थाना प्रभारी शामिल रहेंगे।

दल दूध, मावा, पनीर, घी, मिठाई और अन्य दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण एवं बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेगा। खाद्य उत्पादन केंद्रों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रैपिड किट से जांच, अमानक खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई

जांच दलों को रैपिड किट और आयोडीन टेस्ट के माध्यम से प्राथमिक जांच करने तथा अमानक पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों को नियमानुसार जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरे जिलों से आने वाले मावे की भी जांच की जाएगी। इसके साथ ही प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों के उपयोग और नापतौल में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन की इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य त्योहारों के दौरान आगजनी की घटनाओं को रोकना, बाजारों और आयोजन स्थलों पर सुरक्षा बनाए रखना तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं मानक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।

गजेंद्र ठाकुर
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गजेंद्र ठाकुर

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