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घर में घुसकर पैसे एवं गहनों की चोरी करने वाले आरोपी को दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड

रिपोर्ट: Arjun Sagar
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घर में घुसकर पैसे एवं गहनों की चोरी करने वाले आरोपी को दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड
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घर में घुसकर पैसे एवं गहनों की चोरी करने वाले आरोपी को दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड
सागर।  घर में घुसकर पैसे एवं गहनों की चोरी करने वाले आरोपी सत्यम उर्फ दर्शन सोनी को  धारा 457 भा.द.सं.के आरोप में दो वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000/-रूपये के अर्थदण्ड, तथा धारा 380 भा.द.सं.के आरोप में दो वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000/-रूपये के अर्थदण्ड से माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्ट््रेट प्रथम श्रेणी, जिला सागर  अंकित श्रीवास्तव की अदालत नेे दंडित किया।  मामले की पैरवी प्रभारी उप-संचालक (अभियोजन) धर्मेन्द्र सिंह तारन के मार्गदर्शन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री सचिन गुप्ता ने की ।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि फरियादी राजू पटेल ने रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि साडू का एक्सीडेण्ट हो गया था तो दिनांक 09.01.2019 को 11ः00 बजे वह अपने परिवार, के साथ साडू को देखने ग्राम सरखड़ी थाना जैसीनगर गया था उसके बाद वह बच्चों के साथ शाम करीब 05ः00 बजे अपनी ससुराल ग्राम बम्होरी पहुंच गया था। रात करीब 10ः00 बजे उसे उसके बहनोई का फोन आया और बताया कि उसके घर के कमरे की खिड़की खुली हुई पड़ी है कोई चोरी करके सामान ले गया है वह आकर देख ले फिर वह अकेला घर पर गया, घर का दरवाजा खोलकर कमरे के अंदर जाकर देखा तो बैठक वाले कमरे में रखी अलमारी खुली पड़ी थी एवं अलमारी का लॉक टूटा था, उसने अलमारी के अंदर छोटे ड््राज में रखे नगद रूपये एवं जेबर देखे तो जेबर में चांदी की करधोनी, चांदी की पायल, सोने का मंगलसूत्र एवं दो सोने की चूड़ी एवं कुछ नगद रूपये नहीं मिले एवं बैठक की खिड़की की जाली खुल गई थी कोई अज्ञात चोर चोरी करके सामान एवं नगद रूपये ले गया है। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-मोतीनगर द्वारा भारतीय दण्ड संहिता की धारा 457, 380  का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया।अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया एवं अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जहॉ विचारण उपरांत माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्ट््रेट प्रथम श्रेणी, जिला सागर श्रीमान अंकित श्रीवास्तव की न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुये उपर्युक्त सजा से दंडित किया है।

Arjun Sagar
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Arjun Sagar

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