तंबाकू और नशे से दूर रहने का दिया संदेश, आईएमए सागर ने चलाया जागरूकता अभियान
सागर। युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), सागर शाखा द्वारा नशामुक्ति एवं तंबाकू निषेध जागरूकता अभियान चलाया गया। इसी क्रम में शासकीय संभाग स्तरीय पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक बालक छात्रावास, तिली में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
आईएमए सागर अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने छात्रों को तंबाकू, धूम्रपान, गुटखा, खैनी, बीड़ी, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों के स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, मित्रों के दबाव या तनाव के कारण होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत शारीरिक और मानसिक निर्भरता में बदल सकती है।
डॉ. तल्हा साद ने कहा कि तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है। इससे मुंह, गले और फेफड़ों सहित शरीर के विभिन्न अंगों में कैंसर का खतरा बढ़ता है। साथ ही हृदय रोग, स्ट्रोक और गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है। धूम्रपान का धुआं आसपास मौजूद लोगों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि मित्रों के दबाव या प्रयोग के नाम पर नशे की शुरुआत न करें। खेल, व्यायाम, रचनात्मक गतिविधियों और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर तनाव का बेहतर तरीके से सामना किया जा सकता है।
डॉ. साद ने कहा कि लंबे समय से तंबाकू या धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए भी नशा छोड़ना संभव है। इसके लिए चिकित्सक या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की सहायता ली जा सकती है। नशामुक्ति की प्रक्रिया में परिवार और मित्रों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है।
शिविर में छात्रों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने, धूम्रपान से बचने तथा अपने परिवार और मित्रों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प भी दिलाया गया।
डॉ. तल्हा साद ने कहा कि आईएमए सागर चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता को भी अपनी जिम्मेदारी मानता है। नशामुक्ति एवं तंबाकू निषेध अभियान इसी दिशा में निरंतर जारी प्रयास है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे से बचाकर ही स्वस्थ समाज और बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।


