बाघराज आवासीय कॉलोनी में फिर सख्ती के दावे, पुराने आदेशों पर कार्रवाई शून्य, अब एफआईआर की चेतावनी
सागर। नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने शुक्रवार को बाघराज आवासीय कॉलोनी का निरीक्षण कर रियायती आवासों में रह रहे किरायेदारों और अवैध कब्जाधारियों को दो दिन के भीतर मकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने, सर्वे कर सूची तैयार करने तथा अपात्र हितग्राहियों के आवंटन निरस्त करने के निर्देश भी दिए।
हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब निगम प्रशासन ने ऐसी सख्ती दिखाई हो। इससे पहले भी निगमायुक्त द्वारा अवैध कब्जों और किराये पर दिए गए आवासों के संबंध में पुलिस को पत्राचार किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई। वर्षों से कई आवासों पर अवैध कब्जे और फर्जी तरीके से किरायेदारी की शिकायतें होती रही हैं, लेकिन न तो बड़े पैमाने पर कब्जे हटे और न ही जिम्मेदारों पर कानूनी कार्रवाई हुई।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शासन की रियायती आवास योजना जरूरतमंद परिवारों को छत देने के लिए है, न कि किरायेदार रखकर कमाई करने के लिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वास्तविक हितग्राहियों और अवैध रूप से रह रहे लोगों का सत्यापन कर सूची तैयार की जाए। पात्र जरूरतमंदों को आवास उपलब्ध कराने तथा अपात्र लोगों के आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए।
बिजली व्यवस्था को लेकर भी निगमायुक्त ने कहा कि अब नगर निगम अस्थायी बिजली आपूर्ति नहीं करेगा। वैध हितग्राही विद्युत विभाग से स्थायी कनेक्शन प्राप्त करें। जिन पर पुराने बिजली बिल बकाया हैं, उन्हें दो किस्तों में भुगतान की सुविधा देने के निर्देश भी दिए गए।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार निगम प्रशासन अपने आदेशों को अमल तक पहुंचा पाएगा या फिर पूर्व की तरह चेतावनियां और पत्राचार फाइलों तक ही सीमित रह जाएंगे। बाघराज आवासीय कॉलोनी के रहवासी भी इसी कार्रवाई के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

