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आवारा तत्वों पर लगी रोक, खेल परिसर में पंजीयन और ₹300 मासिक शुल्क लागू

रिपोर्ट: खबर का असर .कॉम
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आवारा तत्वों पर लगी रोक, खेल परिसर में पंजीयन और ₹300 मासिक शुल्क लागू

खेल परिसर में बढ़ी सुरक्षा, 1 अगस्त से लागू हुआ पंजीयन व मासिक मेंटेनेंस शुल्क

सागर। खेल एवं युवक कल्याण विभाग द्वारा संचालित जिला खेल परिसर में खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल सुविधाओं के बेहतर रखरखाव के लिए अब पंजीयन एवं मासिक मेंटेनेंस शुल्क लागू कर दिया गया है। खेल परिसर के मुख्य द्वार पर खिलाड़ियों का पंजीयन शुरू होने से अनावश्यक रूप से परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों पर प्रभावी रोक लगी है। लंबे समय से अराजक तत्वों के खेल मैदानों में घूमने और खिलाड़ियों, विशेषकर महिला एवं बालिका खिलाड़ियों को असहज करने की शिकायतें मिल रही थीं। नई व्यवस्था के बाद ऐसे लोगों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है।

महिला और बालिका खिलाड़ियों ने बताया कि अब परिसर का माहौल पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस हो रहा है। उनके अनुसार पहले कुछ युवक बिना किसी उद्देश्य के मैदान में आ जाते थे और खिलाड़ियों को असहज महसूस कराते थे, जबकि अब ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। हालांकि किसी गंभीर घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से खिलाड़ियों में संतोष है।

सुबह-शाम टहलने आने वाले कई नागरिकों ने भी इस व्यवस्था का स्वागत किया है। उनका कहना है कि न्यूनतम शुल्क से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि इससे परिसर अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हुआ है।

जिला खेल एवं युवक कल्याण कार्यालय के अनुसार कलेक्टर की अध्यक्षता वाली खिलाड़ी प्रशिक्षण समिति की स्वीकृति के बाद 1 अगस्त 2026 से यह व्यवस्था लागू की गई है। शुल्क से प्राप्त राशि खेल परिसर में उपलब्ध खेल सुविधाओं के रखरखाव, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च की जाएगी।

लागू शुल्क (1 अगस्त 2026 से):

इंडोर गेम्स (ताइक्वांडो, कराते, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, जिम)

पंजीयन शुल्क (एक बार): ₹500

मासिक मेंटेनेंस शुल्क: ₹300

आउटडोर गेम्स (बास्केटबॉल, हॉलीबॉल, कबड्डी, फुटबॉल लेफ्ट फील्ड, हैंडबॉल, हॉकी एस्ट्रो टर्फ, एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रैक, बॉक्सिंग, लॉन टेनिस, बास्केटबॉल सिंथेटिक कोर्ट)

पंजीयन शुल्क (एक बार): ₹500

मासिक मेंटेनेंस शुल्क: ₹300

खेल प्रेमियों का मानना है कि यह व्यवस्था खेल परिसर को अधिक अनुशासित, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल साबित होगी।

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