सागर संभाग में दलहन-तिलहन की बुवाई बढ़ी, 20 अगस्त तक धान रोपाई पूरी करने के निर्देश; खाद वितरण में लापरवाही पर कार्रवाई
सागर। आयुक्त सागर संभाग अनिल सुचारी ने कहा है कि संभाग में शासन की मंशा के अनुरूप इस वर्ष दलहन एवं तिलहन की बुवाई का प्रतिशत बढ़ा है। उड़द का रकबा भी बढ़ा है और संभाग में बुवाई का प्रतिशत 118 हो गया है। फसलों की स्थिति अच्छी है और उर्वरक का भंडारण भी पर्याप्त है।कमिश्नर श्री सुचारी आज कमिश्नर कार्यालय में सहकारिता, एमपी एग्रो, बीज निगम, कृषि, वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन, मध्यप्रदेश राज्य सरकारी बैंक, मंडी बोर्ड एवं विपणन संघ की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में संयुक्त आयुक्त (विकास) पीसी शर्मा सहित संबंधित विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान तेज गति से चलाएं बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनता की शिकायतों का निराकरण तेज गति से किया जाए। सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी के कोई भी प्रकरण लंबित न रहें।
उन्होंने कहा कि संभाग में खरीफ फसलों की बुवाई पूरी कर ली जाए। जुलाई में सोयाबीन, मक्का, दलहन, तिलहन की बुवाई हो चुकी है लेकिन अभी कुछ स्थानों पर धान रोपाई शेष है। इसे 20 अगस्त तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि सागर जिले में सोयाबीन का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है। सागर में मक्का, सोयाबीन और उड़द प्रमुख फसलें हैं।**खाद की कमी नहीं होनी चाहिए** कमिश्नर ने कहा कि संभाग में खाद की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किसानों को खाद का वितरण व्यवस्थित ढंग से हो। संभाग में यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। मांग के अनुरूप खाद की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।लापरवाही पर कार्रवाई बीज गुण नियंत्रण, उर्वरक नियंत्रण एवं मृदा नमूना विश्लेषण की कार्रवाई बेहतर करने को कहा। बीज गुण नियंत्रण में बेहतर कार्य नहीं होने पर टीकमगढ़, निवाड़ी, पन्ना, छतरपुर और दमोह के संबंधित अधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी करने और वेतन वृद्धि रोकने के लिए संयुक्त संचालक कृषि को निर्देशित किया। साथ ही उर्वरक, कीटनाशक के सैंपल लेकर कार्रवाई और प्रमाणित बीजों की ग्रेडिंग-सैंपलिंग सुनिश्चित करने को कहा।
उन्हें अवगत कराया गया कि मंडी में मूंग और उड़द की खरीदी हुई है। कमिश्नर ने किसानों को खरीदी गई मूंग और उड़द का भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए। उड़द प्रोत्साहन योजना एवं प्राकृतिक खेती की भी समीक्षा की।
मंडी बोर्ड की समीक्षा में कमिश्नर ने मंडियों में फसलों की आवक, मंडियों की आय और ई-मंडी प्रणाली की जानकारी ली। अपेक्स बैंक को कर्ज वसूली का प्रतिशत बढ़ाने एवं मंडियों की आय बढ़ाने के निर्देश दिए।

