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शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई करें पुलिस अधिकारी, रील से ज्यादा रियल समस्याओं पर दें ध्यान : मुख्यमंत्री

By: गजेंद्र ठाकुर•
शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई करें पुलिस अधिकारी, रील से ज्यादा रियल समस्याओं पर दें ध्यान : मुख्यमंत्री
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शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई करें पुलिस अधिकारी, रील से ज्यादा रियल समस्याओं पर दें ध्यान : मुख्यमंत्री

2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य, पुलिस अकादमी भौंरी में 12 करोड़ से बनेगा ऑडिटोरियम

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों को शराब माफिया के खिलाफ निडरता से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने युवा पुलिस अधिकारियों से कहा कि सोशल मीडिया पर रील बनाने से ज्यादा वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें। पुलिस गरीबों, महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए देवदूत की तरह काम करे, ताकि समाज के हर वर्ग में पुलिस के प्रति सम्मान और विश्वास बढ़े।

मुख्यमंत्री मंगलवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भौंरी में 44वें और 45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रशिक्षण पूरा करने वाले 48 उप पुलिस अधीक्षकों में 20 महिला अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली, निरीक्षण किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कृत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार वर्ष 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इस अभियान में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। अवैध शराब के कारोबार और शराब माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार बलिदानी पुलिसकर्मियों के साहस और योगदान को सदैव याद रखेगी।

दस्यु उन्मूलन के बाद नक्सलवाद के खिलाफ सफलता

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने चंबल और रीवा अंचल में दस्यु समस्या के उन्मूलन के बाद नक्सलवाद के खिलाफ भी प्रभावी अभियान चलाया। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता को पुलिस के साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिणाम बताया। उन्होंने युवा अधिकारियों से आधुनिक तकनीक के साथ बदलती अपराध संबंधी चुनौतियों का सामना करने और अपने आचरण से समाज में आदर्श स्थापित करने की अपील की।

पुलिस में 17,710 पदों पर भर्ती

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17 हजार 710 पदों पर भर्ती की गई है, जबकि कुल 22 हजार 500 पदों पर भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। नक्सल विरोधी अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी दिया गया है।

भौंरी अकादमी में 12 करोड़ से बनेगा ऑडिटोरियम

मुख्यमंत्री ने पुलिस अकादमी भौंरी में 12 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम बनाने की घोषणा की। इसके साथ विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने और एक किलोमीटर लंबे एप्रोच रोड का निर्माण भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत : डीजीपी

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति वर्दी, अधिकार या संसाधन नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है। यह विश्वास निष्पक्षता और न्यायपूर्ण कार्रवाई से अर्जित होता है। उन्होंने बताया कि इस बार 48 अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है। इनमें 20 महिला अधिकारी और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के 22 प्रशिक्षु शामिल हैं। पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी अकादमी में प्रशिक्षण दिया गया है।

डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराध और डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पुलिस को अपनी तकनीकी क्षमता मजबूत करनी होगी। इसके लिए साइबर थानों, हेल्प डेस्क, साइबर फॉरेंसिक और हेल्पलाइन जैसी सुविधाओं को प्रभावी बनाना जरूरी है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से संविधान के प्रति निष्ठा, कानून के सम्मान और नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की।

गजेंद्र ठाकुर
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गजेंद्र ठाकुर

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