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भूख हड़ताल के दौरान एसडीएम के साथ झूमा झटकी और थप्पड़ मारने की घटना, जांच जारी

By: Arjun Sagar•
भूख हड़ताल के दौरान एसडीएम के साथ झूमा झटकी और थप्पड़ मारने की घटना, जांच जारी
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भूख हड़ताल के दौरान एसडीएम के साथ झूमा झटकी और थप्पड़ मारने की घटना, जांच जारी

दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया जिले की भांडेर तहसील में मंगलवार देर रात एक गंभीर घटना सामने आई, जिसमें धरना स्थल पर आंदोलनकारियों ने एसडीएम नीरज शर्मा के साथ झूमा झटकी की और एक महिला ने थप्पड़ मार दिया। यह घटना उस समय हुई जब पुलिस और प्रशासन की टीम आंदोलनकारियों को समझाने के लिए मौके पर पहुंची थी। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

घटना का विवरण

प्रजापति समाज के लोग भांडेर तहसील कार्यालय के बाहर अनुसूचित जाति का दर्जा देने और जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने की मांग को लेकर पिछले एक सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। धरना स्थल पर पुरुष और महिलाएं दोनों ही शामिल हैं। आंदोलनकारियों के पास धरना प्रदर्शन की अनुमति थी, लेकिन उन्होंने अवैध रूप से बिजली कनेक्शन भी ले रखा था। पुलिस और जिला प्रशासन ने पहले से ही उन्हें धरना समाप्त करने की चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी था।

झड़प और थप्पड़ कांड

मंगलवार की रात पुलिस और प्रशासन की टीम आंदोलनकारियों को समझाने के लिए धरना स्थल पर पहुंची, जहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान आंदोलनकारियों में से कुछ लोगों ने भांडेर एसडीएम नीरज शर्मा के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसी बीच, पीछे से एक महिला ने एसडीएम को थप्पड़ मार दिया।

मौके पर मौजूद भांडेर एसडीओपी कार्णिक श्रीवास्तव ने तत्काल स्थिति को संभाला और पुलिसकर्मियों की मदद से मामला शांत कराया। इसके बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों ने अवैध रूप से जोड़े गए बिजली कनेक्शन को काट दिया और धरना स्थल पर लगाए गए टेंट को हटा लिया गया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

भांडेर एसडीओपी कार्णिक श्रीवास्तव ने कहा कि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

प्रजापति समाज के लोग लंबे समय से अनुसूचित जाति का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर वे भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिसमें महिलाओं और पुरुषों दोनों ने भाग लिया है। हालांकि, प्रशासन ने बार-बार चेतावनी दी थी कि अवैध रूप से बिजली कनेक्शन जोड़ना और बिना अनुमति के लंबे समय तक धरना प्रदर्शन करना कानून के खिलाफ है।

Arjun Sagar
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Arjun Sagar

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