सागर में होटल के कमरे में फंदे पर मिला युवक का शव, परिजनों ने उठाए सवाल,किया चक्काजाम
हत्या की आशंका जताकर परिजनों ने मांगी निष्पक्ष जांच, पुलिस के आश्वासन के बाद करीब 20 मिनट में खत्म हुआ प्रदर्शन
सागर। लिंक रोड स्थित एक होटल में युवक की मौत का मामला सामने आने के बाद गुरुवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जा रहे शव को परिजनों ने मोतीनगर चौराहे पर सड़क पर रख दिया। परिजनों ने मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। मृतक की पहचान रामबाग, बड़ा बाजार निवासी शुभम अग्रवाल के रूप में हुई है।
दरअसल कोतवाली थाना क्षेत्र के लिंक रोड स्थित एक होटल के कमरे में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक युवक का शव फंदे पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गुरुवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की पहचान रामबाग, बड़ा बाजार निवासी शुभम अग्रवाल के रूप में हुई है।
बही गुरुवार दोपहर परिजन शुभम के शव को अंतिम संस्कार के लिए नरयावली नाका मुक्तिधाम ले जा रहे थे। इसी दौरान मोतीनगर चौराहे पर परिजनों ने शव सड़क पर रख दिया और चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई। उनका कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को सामने लाया जाए।
मृतक के भाई सौरभ अग्रवाल ने आरोप लगाया कि शुभम करीब 15 सितम्बर से होटल में कमरा किराए पर लेकर रह रहा था। सौरभ के मुताबिक, उन्हें घटना की जानकारी सुबह करीब 4 बजे मिली। उन्होंने दावा किया कि कमरे में खून बिखरा हुआ था और शुभम का शरीर पूरी तरह काला पड़ चुका था। सौरभ ने यह भी सवाल उठाया कि यदि घटना तीन दिन पहले हुई थी तो कमरे से बदबू क्यों नहीं आई और होटल का कर्मचारी कमरे की सफाई के लिए वहां क्यों नहीं पहुंचा।
परिजनों ने शुभम के पैसे, कान की बाली, हाथ में पहना चूड़ा और फोर व्हीलर वाहन नहीं मिलने की बात भी कही है। इन बिंदुओं को लेकर लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
मोतीनगर चौराहे पर चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। आश्वासन के बाद करीब 20 मिनट में परिजनों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले जाया गया।


