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सागर में बदली पुलिसिंग की तस्वीर: ड्रिंक एंड ड्राइव पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 4 माह में 602 चालान

रिपोर्ट: गजेंद्र ठाकुर
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सागर में बदली पुलिसिंग की तस्वीर: ड्रिंक एंड ड्राइव पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 4 माह में 602 चालान
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सागर में बदली पुलिसिंग की तस्वीर: ड्रिंक एंड ड्राइव पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 4 माह में 602 चालान

सागर। जिले में लंबे समय से सुस्त नजर आ रही पुलिसिंग में नए अधिकारियों की पदस्थापना के बाद तेजी दिखाई देने लगी है। जिला पुलिस की कमान संभालने के बाद एसपी अनुराग सुजानिया ने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को प्राथमिकता दी। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ मैदान में उतारा गया, जिसका असर अब कार्रवाई के आंकड़ों में भी नजर आने लगा है।

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच पूरे जिले में शराब पीकर वाहन चलाने के महज 30 प्रकरणों में चालानी कार्रवाई हुई थी। इसके बाद मई 2026 से 16 अगस्त 2026 तक शराब के नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर करीब 602 प्रकरणों में कार्रवाई की गई। इन मामलों में करीब 59 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।

इन आंकड़ों से साफ है कि मई के बाद ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में बड़ी तेजी आई है। पुलिस ने केवल वाहन चालकों की जांच तक अभियान को सीमित नहीं रखा, बल्कि नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाई।

एसपी अनुराग सुजानिया के निर्देश पर यातायात पुलिस और थाना पुलिस द्वारा अलग-अलग स्थानों पर वाहन चेकिंग अभियान चलाए गए। देर रात और संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखी गई। ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से वाहन चालकों की जांच की गई और शराब के नशे में वाहन चलाते पाए जाने पर चालानी कार्रवाई की गई।

अपराध नियंत्रण के साथ यातायात सुधार पर जोर

जिला पुलिस में नए अधिकारियों की पदस्थापना के बाद अपराध नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात नियमों का पालन कराने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस की कोशिश है कि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई के साथ आम लोगों में यातायात नियमों को लेकर जागरूकता भी बढ़े।

ड्रिंक एंड ड्राइव को लेकर पुलिस की सख्ती इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि शराब के नशे में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकता है। ऐसे में पुलिस द्वारा लगातार चेकिंग किए जाने से वाहन चालकों में कार्रवाई का डर और यातायात नियमों के पालन की प्रवृत्ति बढ़ने की उम्मीद है।

अधिकारियों की टीम ने संभाला मोर्चा

इस अभियान को प्रभावी बनाने में एसपी अनुराग सुजानिया के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। वहीं यातायात डीएसपी मयंक चौहान, सीएसपी कश्यप के नेतृत्व में पुलिस द्वारा चेकिंग और कार्रवाई को लगातार गति दी जा रही हैं।

4 माह में बदला स्वरूप

पुलिस अधिकारियों की निगरानी और मैदानी स्तर पर लगातार कार्रवाई के चलते महज चार महीने में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई में बड़ा अंतर सामने आया है। जनवरी-अप्रैल के 30 चालानों की तुलना में मई से अब तक 602 प्रकरणों की कार्रवाई पुलिस की बदली हुई कार्यशैली को दर्शाती है।

हालांकि, पुलिस के सामने अब चुनौती इस कार्रवाई को लगातार जारी रखने की है। यदि इसी तरह नियमित चेकिंग, त्वरित कार्रवाई और यातायात नियमों के पालन को लेकर सख्ती बनी रहती है तो शहर की यातायात व्यवस्था में और सुधार आने के साथ सड़क दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद की जा सकती है।

गजेंद्र ठाकुर
लेखक

गजेंद्र ठाकुर

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