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सागर के शुक्रवारी इलाके में कबर बिज्जू की दस्तक, देर रात रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने संभाला मोर्चा

By: गजेंद्र ठाकुर•
सागर के शुक्रवारी इलाके में कबर बिज्जू की दस्तक, देर रात रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने संभाला मोर्चा
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शोर और भीड़ के चलते बार-बार जगह बदलता रहा वन्यजीव, करीब डेढ़ बजे सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़े जाने की तैयारी

सागर के शुक्रवारी इलाके में शुक्रवार देर रात उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब रिहायशी क्षेत्र में कबर बिज्जू नजर आया। मोहल्ले में वन्यजीव के घूमने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में रहवासी घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस के साथ वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

लोगों की भीड़ और लगातार हो रहे शोर के कारण कबर बिज्जू एक जगह टिक नहीं रहा था। वह बार-बार अपना स्थान बदल रहा था, जिससे वन विभाग की टीम को उसे सुरक्षित पकड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लंबे प्रयास के बाद करीब डेढ़ बजे टीम ने कबर बिज्जू को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इसके बाद वन विभाग की टीम उसे अपने साथ ले गई। अधिकारियों के मुताबिक, बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

वन विभाग के रेंजर लखन सिंह ने बताया कि कबर बिज्जू को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ लिया गया है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव को देखकर स्थानीय लोग घबरा गए थे और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए थे। रेस्क्यू पूरा होने के बाद इलाके में हालात सामान्य हो गए।

कबर बिज्जू जहरीला नहीं, खतरा महसूस होने पर कर सकता है हमला

वन्यजीव विशेषज्ञ ओशो जैन के अनुसार, कबर बिज्जू आमतौर पर इंसानी बस्तियों से दूर रहना पसंद करता है और रात में अधिक सक्रिय रहता है। जंगल या आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र से भटकने के कारण कभी-कभी यह रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकता है।

दिखने में यह कुछ हद तक बिल्ली, नेवले और छोटे आकार के भालू जैसा नजर आता है। यह मांसाहारी होने के साथ-साथ सर्वाहारी भी है और छोटे जीवों, जैसे चूहों का शिकार करता है। सामान्य तौर पर इसका वजन करीब डेढ़ से चार किलो के बीच होता है, जबकि इसकी उम्र लगभग 20 वर्ष तक बताई जाती है।

कबर बिज्जू सामान्य परिस्थितियों में इंसानों पर हमला नहीं करता। हालांकि, खुद को खतरे में महसूस करने पर यह काट सकता है। इसके काटने से जहर नहीं फैलता, लेकिन अगर किसी व्यक्ति को यह काट ले तो एहतियात के तौर पर तुरंत अस्पताल जाकर रेबीज का इंजेक्शन और आवश्यक चिकित्सा उपचार लेना चाहिए।

गजेंद्र ठाकुर
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गजेंद्र ठाकुर

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