पुलिस ने खुद चाकू रख किया जब्ती का नाटक, CCTV ने कोर्ट में खोली पोल
हाईकोर्ट ने एसपी से मांगा जवाब, फुटेज पेश होने के बाद एसआई और आरक्षक निलंबित; मोतीनगर थाना क्षेत्र के मामले में जांच जारी
सागर। सागर पुलिस की अजब गजब कार्यप्रणाली लंबे समय से चर्चाओ में हैं कुछ माह से जरूर इसपर कुछ अंकुश लगा हैं परंतु अमलें की आदतों में बदलाव अभी पूरा नहीं हुआ लगता हैं।
ताजा मामलें में मोतीनगर थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के एक मामले में चाकू की बरामदगी दिखाने के लिए पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर खुद नाली में चाकू रखे जाने का मामला सामने आया है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए। मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां फुटेज पेश किए जाने के बाद कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक से जवाब मांगा। इसके बाद एक एसआई और एक आरक्षक को निलंबित कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, मोतीनगर थाना क्षेत्र के इतवारी टोरी की घटना 15 मई की है। यहां सत्यम साहू, उसके भाई शुभम साहू, कौशल साहू और रज्जू उर्फ सुंदर साहू ने एक युवक पर चाकू से हमला किया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसी दौरान चाकू की बरामदगी की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई।
CCTV फुटेज में दिखी कथित हेराफेरी
सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर एसआई को अपनी जेब से चाकू निकालकर नाली में रखते हुए देखा गया। इसके बाद एक आरोपी को मौके पर लाकर उससे चाकू निकलवाते हुए बरामदगी दिखाई गई। पास की दुकान में लगे कैमरे में यह गतिविधि रिकॉर्ड हो गई। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे।हाईकोर्ट ने एसपी से मांगा जवाब
मामले में हाईकोर्ट के समक्ष सीसीटीवी फुटेज पेश किए गए। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक से जवाब मांगा। फुटेज देखने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आए तथ्यों के बाद मोतीनगर थाने में पदस्थ एसआई लकेश पटेल और आरक्षक दिनेश अहिरवार को निलंबित किया गया है। मामले की जांच जारी है।
आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर दिखाई गई थी बरामदगी
दरअसल पुलिस ने 20 मई 2026 को रज्जू उर्फ सुंदर साहू को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पहले चाकू की बरामदगी दिखाई थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में चाकू रखे जाने की कथित घटना सामने आने के बाद पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर
लंबे समय से सागर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहें हैं मानवाधिकार, हाईकोर्ट भी अनेक मामलों में सज्ञान लेता आ रहा हैं, यहां सबूत उतपन्न करने, फर्जी जांच, झूठे मुक़दमे आम बात हो चली हैं। पुलिस बदमाशों के साथ भी अनेक मामलों में खड़ी रहकर पत्रकारों, आम लोगो को ही कटघरे में खड़ा कर देती हैं। बहरहाल एसपी अनुराग सुजानिया ने मामलें में कड़ा एक्शन लेते हुए सबइंस्पेक्टर और सिपाही को लाइन अटैच कर जाँच बैठाई हैं।


