1.27 करोड़ की शेयर मार्केट ठगी में नया मोड़: 3.5 लाख के लेनदेन ने खड़े किए सवाल, हुकुम से पूछताछ हुई!
मोतीनगर पुलिस ने चंडीगढ़ से आरोपी हरमिंदर सिंह को पकड़ा, करीब 20 लाख की रिकवरी; अब रकम के आगे के नेटवर्क की पड़ताल
सागर। शेयर मार्केट में कम समय में बड़ा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर निजी इंजीनियर से 1 करोड़ 27 लाख 44 हजार 420 रुपए की ठगी के मामले में मोतीनगर पुलिस की जांच अब एक नए लेनदेन तक पहुंच गई है। चंडीगढ़ से गिरफ्तार किए गए आरोपी हरमिंदर सिंह से जुड़े करीब 3.5 लाख रुपए के लेनदेन में हुकुम नाम के व्यक्ति की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की है। इस पूछताछ के बाद ठगी की रकम के आगे किन-किन लोगों तक पहुंचने की बात सामने आती है, इसे लेकर जांच तेज हो गई है।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी हरमिंदर सिंह निवासी चंडीगढ़ को गिरफ्तार कर करीब 20 लाख रुपए की रिकवरी की है। पुलिस के मुताबिक अब बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन और रकम के ट्रेल की बारीकी से जांच की जा रही है।
होटल में मुलाकात, फिर करोड़ों का निवेश
मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने शनिवार शाम मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अहमदनगर वार्ड निवासी 27 वर्षीय निजी इंजीनियर सिद्धार्थ सिंह की वर्ष 2023 में सागर के सरोज होटल में हरमिंदर सिंह से मुलाकात हुई थी। बातचीत के दौरान हरमिंदर ने शेयर मार्केट में निवेश कराने और कम समय में अच्छा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया।
आरोपी की बातों में आकर सिद्धार्थ ने अलग-अलग समय में रकम देना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार कुल 52 ट्रांजेक्शन में बैंक ट्रांसफर, आरटीजीएस, यूपीआई, फोन-पे, एटीएम और नकद के जरिए 1 करोड़ 27 लाख 44 हजार 420 रुपए दिए गए। रकम जुटाने के लिए फरियादी ने करीब 90 लाख रुपए का लोन लिया था, जबकि शेष राशि दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार ली गई थी।
मुनाफा तो दूर, मूल रकम भी नहीं लौटी
समय बीतने के बाद जब फरियादी ने निवेश की रकम और मुनाफा वापस मांगा तो आरोपी कथित तौर पर लगातार टालमटोल करता रहा। इसके बाद फरियादी को ठगी का संदेह हुआ और उसने 18 जुलाई 2026 को मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया और बैंक खातों व डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल शुरू की। इसी जांच के आधार पर पुलिस टीम चंडीगढ़ पहुंची और हरमिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
3.5 लाख की कड़ी ने बढ़ाई पुलिस की दिलचस्पी
मामले में अब सबसे ज्यादा चर्चा करीब 3.5 लाख रुपए के एक लेनदेन को लेकर है। सूत्रों के अनुसार आरोपी हरमिंदर से जुड़े लोग सिद्धार्थ से पूछताछ के दौरान हुकुम नाम के व्यक्ति का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने हुकुम को पूछताछ के लिए बुलाया।
सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान हुकुम ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि हरमिंदर सिंह ने उसे करीब 3.5 लाख रुपए दिए थे और यह रकम कुछ लोगों को लौटाने के लिए दिए जाने की बात कही गई। हालांकि रकम किसके लिए, किस माध्यम से और किस उद्देश्य से दी गई थी, इसकी पुष्टि पुलिस जांच में होना बाकी है।
सूत्रों के मुताबिक हुकुम करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में सामने आए इस 3.5 लाख रुपए के लेनदेन ने जांच की दिशा को और महत्वपूर्ण बना दिया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम केवल व्यक्तिगत लेनदेन था या फिर ठगी से जुटाई गई रकम को आगे खपाने अथवा लौटाने की किसी कड़ी का हिस्सा।
पूछताछ के बाद क्या सामने आया, इसे लेकर फिलहाल पुलिस की ओर से कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि जांच में हुकुम की भूमिका और उसके जरिए हुए लेनदेन की पड़ताल की जा रही है, फिलहाल यह कौन हुकुम हैं यह जानकारी का खुलासा हुआ बाकी हैं!
कहां-कहां पहुंची ठगी की रकम?
एक करोड़ 27 लाख रुपए से अधिक की रकम के मामले में अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी राशि आखिर किन-किन खातों और व्यक्तियों तक पहुंची। करीब 20 लाख रुपए की रिकवरी के बाद शेष रकम के ट्रेल को खंगाला जा रहा है।
पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हरमिंदर सिंह के साथ इस पूरे लेनदेन में अन्य लोग जुड़े थे या नहीं। 3.5 लाख रुपए वाला लेनदेन इसी जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है।

