रिश्वत और फर्जीवाड़े की शिकायतों पर प्रशासन की सख्ती, दो राजस्व कर्मचारी निलंबित
जतारा में संदिग्ध आदेश प्रतिलिपियां और अभद्रता के आरोप, बलदेवगढ़ में नामांतरण के लिए 30 हजार रुपये मांगने का मामला सामने आया
टीकमगढ़। राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने अलग-अलग मामलों की जांच में गंभीर अनियमितता और अनुशासनहीनता सामने आने के बाद तहसील स्तर के दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
पहला मामला जतारा तहसील से सामने आया है। यहां पदस्थ सहायक वर्ग-3 कर्मचारी महेश कुमार तिवारी पर अपील प्रकरणों से संबंधित आदेशों की संदिग्ध सत्य प्रतिलिपियां जारी करने, आम लोगों के साथ अभद्र व्यवहार और पैसों के लेन-देन के आरोप लगे थे। जांच के दौरान इन आरोपों की पुष्टि होने पर प्रशासन ने कार्रवाई की।
आदेशों का रिकॉर्ड ही नहीं मिला
जांच में सामने आया कि महेश तिवारी द्वारा जारी की गई कई आदेश प्रतिलिपियों का विवरण राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली में दर्ज नहीं था। इसके अलावा संबंधित दस्तावेजों पर आवश्यक मिलान हस्ताक्षर भी नहीं पाए गए। प्रशासन ने ऐसी प्रतिलिपियों को निरस्त करने के साथ ही मामले में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर काफी प्रसारित हुआ था। वीडियो में महेश तिवारी पर कार्यालय में आने वाले लोगों के साथ कथित तौर पर अभद्रता करने और नकल उपलब्ध कराने के बदले राशि का लेन-देन करते हुए दिखाई देने का आरोप सामने आया था। कलेक्टर की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में आरोप स्वीकार किए जाने के बाद महेश तिवारी को निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पलेरा निर्धारित किया गया है।
बलदेवगढ़ में नामांतरण के लिए 30 हजार रुपये मांगने का आरोप
दूसरी कार्रवाई बलदेवगढ़ तहसील के डारगुवां क्षेत्र से जुड़े मामले में हुई। यहां पदस्थ रीडर अनिल कुमार नापित पर नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगा था।
जानकारी के मुताबिक ग्राम एरौरा निवासी एक आवेदक ने अपने पिता की मृत्यु के बाद वसीयत के आधार पर नामांतरण कराने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस काम के बदले उससे 30 हजार रुपये की मांग की गई।
मामले से संबंधित बातचीत का एक ऑडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। यह बातचीत संबंधित बाबू और उसके चालक के बीच हुई बताई गई थी। एसडीएम के स्तर से कराई गई जांच में करीब 7 मिनट 36 सेकेंड के ऑडियो की पुष्टि हुई। जांच में शासकीय कार्य के बदले पैसों के लेन-देन से जुड़ा मामला सही पाए जाने के बाद कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने अनिल कुमार नापित को निलंबित कर दिया।
निलंबन के दौरान अनिल नापित का मुख्यालय तहसील कार्यालय टीकमगढ़ निर्धारित किया गया है।


