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रक्षाबंधन से एक दिन पहले बहन का निधन, भाई ने पूरा किया आखिरी संकल्प; सागर BMC में नीलम यादव का देहदान

रिपोर्ट: गजेंद्र ठाकुर
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रक्षाबंधन से एक दिन पहले बहन का निधन, भाई ने पूरा किया आखिरी संकल्प; सागर BMC में नीलम यादव का देहदान
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12 साल से बीमारी से जूझ रही थीं नीलम यादव, संत रामपाल बाबा से प्रेरित होकर लिया था देहदान का संकल्प; निधन के बाद भाई यज्ञवेंद्र यादव ने पूरी की अंतिम इच्छा

सागर। रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले नीलम यादव के निधन से भाई-बहन का रिश्ता हमेशा के लिए बिछड़ गया। बहन के जाने का दुख भाई यज्ञवेंद्र यादव के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था, लेकिन इसी बीच उन्होंने ऐसा फैसला लिया, जिससे नीलम की इच्छा पूरी हो सकी। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में नीलम यादव का देहदान कराया गया।

बीना क्षेत्र निवासी यज्ञवेंद्र यादव की बहन नीलम यादव लंबे समय से बीमारी से जूझ रही थीं। उनकी किडनी खराब होने के कारण करीब 12 वर्षों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। बीमारी के दौरान ही नीलम ने संत रामपाल बाबा से प्रेरित होकर मृत्यु के बाद देहदान करने का संकल्प लिया था। उन्होंने इच्छा जताई थी कि उनके निधन के बाद उनका शरीर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और चिकित्सा शिक्षा के लिए उपयोग में लाया जाए, जिससे उनकी देह आगे भी समाज के काम आ सके।

रक्षाबंधन के एक दिन पहले नीलम यादव का निधन हो गया। बहन की मौत से परिवार में शोक का माहौल था। इस कठिन समय में भी भाई यज्ञवेंद्र यादव ने उनकी इच्छा को प्राथमिकता दी। शनिवार को वे नीलम का पार्थिव शरीर लेकर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत देहदान कराया गया।

देहदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नीलम यादव को शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सम्मानपूर्वक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने उनके देहदान के संकल्प को नमन किया। साथ ही भाई यज्ञवेंद्र यादव के उस फैसले की भी सराहना की, जिसमें उन्होंने बहन के निधन के गम के बीच उसकी अंतिम इच्छा को पूरा करने का निर्णय लिया।

नीलम यादव अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके देहदान के माध्यम से उनका शरीर मेडिकल छात्रों की शिक्षा में उपयोगी होगा। उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए किया गया यह देहदान आने वाले समय में चिकित्सा शिक्षा और समाज के लिए योगदान का माध्यम बनेगा।

गजेंद्र ठाकुर
लेखक

गजेंद्र ठाकुर

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