प्रधानमंत्री आवास की किस्त डलवाने मांगी रिश्वत, रोजगार सहायक को 3 साल की जेल
लोकायुक्त ने 2 हजार रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा था, विशेष न्यायालय ने सुनाया फैसला, 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
सागर। प्रधानमंत्री आवास योजना की चौथी किस्त जारी कराने के एवज में 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगना तत्कालीन रोजगार सहायक को महंगा पड़ गया। लोकायुक्त पुलिस के ट्रैप में 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए आरोपी आशीष कुर्मी को विशेष न्यायालय ने तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला रहली तहसील की ग्राम पंचायत बांदीपुरा का है। यहां पदस्थ तत्कालीन रोजगार सहायक आशीष कुर्मी के खिलाफ आवेदक रामगोपाल कुर्मी ने लोकायुक्त कार्यालय सागर में शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास की चौथी किस्त डलवाने के एवज में रोजगार सहायक 5 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
शिकायत का सत्यापन होने के बाद आरोपी 2 हजार रुपये लेने के लिए सहमत हुआ। इसके बाद 12 मई 2022 को लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। आरोपी ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में लेकर पेंट की जेब में रखे पर्स में रख ली। इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली।
विवेचना पूरी होने के बाद अभियोग पत्र विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, सागर में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश श्री शहाबुद्दीन हाशमी ने 3 नवंबर 2026 को आरोपी आशीष कुर्मी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(क) के तहत दोषसिद्ध करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।


