सनातन आस्था और भक्ति का संदेश लेकर निकली कावड़ यात्रा मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया भव्य स्वागत
कंधे पर कावड़ लेकर चले मंत्री श्री राजपूत
सभी कावड़ यात्री सनातन धर्म के सशक्त पहरी हैं: मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत
सागर। के पावन अवसर पर मां नर्मदा के पवित्र जल को लेकर लौट रही तुलसी फाउंडेशन के तत्वावधान में निकाली गई प्रतिवर्ष अनुसार भव्य कावड़ यात्रा का जिला पंचायत कार्यालय के सामने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने आत्मीयता और श्रद्धाभाव के साथ स्वागत किया। एक हजार से अधिक कावड़ यात्रियों के पहुंचने पर मंत्री श्री राजपूत ने पुष्पहार पहनाकर उनका अभिनंदन किया और पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर सभी कावड़ यात्रियों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी की गई।
विशेष बात यह रही कि स्वागत करने के बाद मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत स्वयं कंधे पर कावड़ लेकर कावड़ यात्रियों के साथ पैदल चले। उनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मां नर्मदा के जल से भरी कावड़ लेकर आगे बढ़े। वातावरण में लगातार ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय भोलेनाथ’ के जयघोष गूंजते रहे। सनातन धर्म की ध्वजा लहराते हुए निकली इस यात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कावड़ यात्रा केवल यात्रा नहीं, आस्था और संस्कारों की साधना
कावड़ यात्रा सनातन परंपरा में भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, भक्ति, त्याग और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। कावड़िये पवित्र नदियों से जल लेकर उसे भगवान शिव को अर्पित करते हैं। यह यात्रा श्रद्धालुओं को संयम, अनुशासन, सेवा, आस्था और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश देती है। मां नर्मदा के पवित्र जल को लेकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करना श्रद्धालुओं के लिए केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपनी आस्था को भगवान के चरणों में समर्पित करने का भाव है। कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु कठिनाइयों और लंबी दूरी की परवाह किए बिना भक्ति भाव से आगे बढ़ते हैं। यही उनकी श्रद्धा और संकल्प की शक्ति को दर्शाता है।
‘हर कावड़ यात्री सनातन धर्म का प्रहरी’: मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत
इस अवसर पर मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी कावड़ यात्रियों का हृदय से स्वागत करते हुए कहा कि कावड़ यात्रा हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और धार्मिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। प्रत्येक कावड़ यात्री सनातन धर्म का रक्षक और सशक्त प्रहरी है। उन्होंने कहा कि ऐसी धार्मिक यात्राएं समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करती हैं। कावड़ यात्रा के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को अपनी सनातन परंपराओं, देवी-देवताओं और धार्मिक संस्कारों के प्रति जागरूक होने का संदेश मिलता है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सनातन संस्कृति ने सदैव मानवता, सेवा, सद्भाव और संस्कारों का मार्ग दिखाया है। हमारी धार्मिक यात्राएं समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं और लोगों के मन में श्रद्धा के साथ-साथ सेवा एवं सामाजिक एकता की भावना भी मजबूत करती हैं।
सुरखी में पहले से की गई थी कावड़ यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था
तुलसी फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरखी स्थित मंगल भवन में कावड़ यात्रियों के रुकने और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था पहले ही कराई गई थी, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया। जिला पंचायत कार्यालय के सामने पहुंचने पर मंत्री श्री राजपूत ने स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया और भोजन वितरण की व्यवस्था कराई।
मां नर्मदा के जल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक
कावड़ यात्रा में श्रद्धालु मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में धार्मिक जयघोष करते हुए वातावरण को शिवमय बना दिया। कावड़ को कंधे पर लेकर चलना श्रद्धालु के लिए अपनी श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक है। मां नर्मदा का जल भगवान शिव को अर्पित करने की भावना में प्रकृति, नदी और सनातन आस्था के प्रति सम्मान भी जुड़ा हुआ है। नर्मदा को भारतीय संस्कृति में पवित्र नदी के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है और उसके जल को शिव आराधना में अर्पित करना श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पुण्यकारी धार्मिक परंपरा माना जाता है।
धर्म और संस्कृति से जुड़ने का संदेश
कावड़ यात्रा जैसे आयोजन समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल होकर अपनी परंपराओं से जुड़ते हैं। इससे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है। तुलसी फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस यात्रा में एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आस्था का वातावरण बनाया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाए और सनातन धर्म की ध्वजा के साथ अपनी धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया। मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा स्वयं कंधे पर कावड़ लेकर श्रद्धालुओं के साथ पैदल चलना भी इस आयोजन में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारा, सेवा और संस्कारों की भावना मजबूत होती है।
तुलसी फाउंडेशन की पहल की सराहना
मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने तुलसी फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को इस धार्मिक आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि समाज को धर्म और संस्कृति से जोड़ने वाले ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। उन्होंने कावड़ यात्रियों की सेवा में जुटे सभी आमजन की भी सराहना की। पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं ने उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ कावड़ यात्रा का स्वागत किया।


