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सागर में विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

By: गजेंद्र ठाकुर•
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सागर में विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

सागर में विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत ‘उड़ान’ कार्यशाला आयोजित, 10 विद्यार्थी पुरस्कृत

सागर। सुरक्षित बचपन अभियान के राज्य स्तरीय शुभारंभ एवं ‘उड़ान’ कार्यशाला का आयोजन रविवार, 1 नवंबर को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सागर के एडीआर भवन स्थित सभाकक्ष में किया गया, जहां लगभग 60 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर बाल सुरक्षा, स्वास्थ्य, साइबर अपराध और कानूनी अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एम.के. शर्मा, जिला न्यायाधीश सुधांशु सक्सेना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष सैनी, जिला न्यायाधीश नेहा श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार प्रीतम बंसल तथा जिला विधिक सहायता अधिकारी दिव्या भलावी उपस्थित रहे।

प्रधान जिला न्यायाधीश एम.के. शर्मा ने विद्यार्थियों को मोबाइल का सदुपयोग करने और उसके दुरुपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि बच्चे किसी भी प्रकार की परेशानी या शोषण की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण, पर्याप्त नींद, व्यायाम, बीमारियों से बचाव और डिजिटल उपकरणों के सीमित उपयोग के बारे में जानकारी दी। डॉ. स्मिता दुबे ने लैंगिक हिंसा, ऑनलाइन उत्पीड़न और व्यवहार संबंधी विषयों पर मार्गदर्शन दिया।

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम नेहा श्रीवास्तव ने पॉक्सो अधिनियम-2012, बाल संरक्षण तंत्र, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, बच्चों की सुरक्षा और मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में बताया। वहीं, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीतम बंसल ने बेहतर जीवनशैली, रोजगार के विकल्प, कौशल विकास, लक्ष्य निर्धारण और छात्रवृत्ति के अवसरों की जानकारी दी।

साइबर फॉरेंसिक यूनिट जोन सागर के कार्यवाहक प्रधान आरक्षक अम्बर तिवारी ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर बुलिंग और उससे जुड़े जोखिमों के साथ कानूनी उपायों की जानकारी दी।

कार्यशाला के समापन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष सैनी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और सर्वांगीण विकास समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक बालिका को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने, सम्मानपूर्वक जीवन जीने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का अधिकार है।

कार्यशाला के दौरान न्याय संबंधी विषयों पर उत्कृष्ट जिज्ञासा दिखाते हुए प्रश्न पूछने वाले 10 विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया गया।

गजेंद्र ठाकुर

By: गजेंद्र ठाकुर

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