मुख्य विषय-वस्तु पर जाएं (Skip to main content)

सागर में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! बारिश के साथ 30-40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली गिरने का अलर्ट

रिपोर्ट: गजेंद्र ठाकुर
शेयर करें:WhatsAppFacebookX (Twitter)
Sponsor Ad
सागर में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! बारिश के साथ 30-40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली गिरने का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर; सागर समेत पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटे गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

सागर। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट पर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके प्रभाव से सागर समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।

सागर समेत इन जिलों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे के दौरान सागर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा में बारिश के साथ गरज-चमक वाली बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान मौसम में बदलाव के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पन्ना में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन स्थानों पर 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक वर्षा होने का अनुमान है।

बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

पिछले 24 घंटे में यहां हुई तेज बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटों में मैहर में अति भारी बारिश दर्ज की गई। रीवा, शहडोल और पन्ना में भी भारी वर्षा हुई। इसके अलावा रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों तथा नर्मदापुरम संभाग के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और बारिश का असर देखने को मिला।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अभी सक्रिय है। इसके साथ ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। वहीं इस सिस्टम से उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी है, जो झारखंड और बिहार से होकर गुजर रही है।

इन मौसम प्रणालियों के चलते मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

सागर में भी तेज हवा और बिजली का खतरा

सागर में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने सागर के अलावा कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने तथा आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई है।

इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।

गजेंद्र ठाकुर
लेखक

गजेंद्र ठाकुर

खबर का असर .com (KKA) डिजिटल टीम - निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के साथ खबरों की ग्‍लोबल अपडेट्स।