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सागर में मुक्तिधाम की जगह को लेकर विवाद, शव सड़क पर रखकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

By: गजेंद्र ठाकुर
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सागर में मुक्तिधाम की जगह को लेकर विवाद, शव सड़क पर रखकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

वैली कैंपस के सामने करीब डेढ़ घंटे तक पथरिया-यूनिवर्सिटी रोड पर लगा जाम, अंतिम संस्कार के लिए जगह मिलने के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन

सागर। ग्राम पथरिया जाट के ग्वालीपुरा रैयातबाड़ी में शुक्रवार को मुक्तिधाम के लिए जगह नहीं मिलने को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर देखने को मिला। गांव के 50 वर्षीय उमाशंकर यादव के निधन के बाद जब अंतिम संस्कार के लिए स्थान नहीं मिला तो ग्रामीण उनका शव लेकर यूनिवर्सिटी रोड पर वैली कैंपस के सामने पहुंच गए। यहां शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया गया।

ग्रामीण अपने साथ अंतिम संस्कार में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी और अन्य जरूरी सामग्री भी ट्रैक्टर-ट्रॉली में लेकर पहुंचे थे। प्रदर्शन के चलते पथरिया-यूनिवर्सिटी रोड पर करीब डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

जगह नहीं मिलने पर सड़क पर अंतिम संस्कार की दी चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि यदि प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे सड़क पर ही शव का अंतिम संस्कार करेंगे। चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।

कुछ देर बाद विश्वविद्यालय के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच चर्चा हुई, जिसके बाद तत्काल अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। स्थान मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो सका।

वैली कैंपस बनने के बाद बंद हो गया था पुराना मुक्तिधाम

ग्रामीणों के अनुसार, ग्वालीपुरा रैयातबाड़ी का मुक्तिधाम पहले वैली कैंपस परिसर के भीतर था। वैली कैंपस का निर्माण होने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से इस स्थान पर अंतिम संस्कार बंद कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई गई, लेकिन वहां भी कुछ लोगों ने आपत्ति जताई।

इस स्थिति के कारण गांव के लोगों के सामने अंतिम संस्कार को लेकर परेशानी खड़ी हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों के पास अपने खेत हैं, वे मजबूरी में वहां अंतिम संस्कार कर लेते हैं, लेकिन जिन परिवारों के पास खेत नहीं हैं, उनके लिए समस्या और गंभीर हो जाती है।

इसी बीच शुक्रवार को 50 वर्षीय उमाशंकर यादव का निधन हो गया। अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध नहीं होने पर परिजन और ग्रामीण शव लेकर सड़क पर पहुंच गए और मुक्तिधाम के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध कराने की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया।

सोमवार को मुक्तिधाम के लिए जगह चिन्हित करने का आश्वासन

पथरिया सरपंच प्रमोद यादव ने बताया कि ग्वालीपुरा रैयातबाड़ी का मुक्तिधाम पहले वैली कैंपस में ही था, जिसे विश्वविद्यालय ने बिना नोटिस दिए बंद कर दिया। इसके बाद से गांव में अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ ग्रामीण अपने खेतों में अंतिम संस्कार कर लेते हैं, लेकिन जिनके पास खेत नहीं हैं, वे कहां अंतिम संस्कार करें।

जनपद सदस्य मोंटू यादव ने बताया कि शुक्रवार को प्रशासन और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ बातचीत हुई। इसके बाद उमाशंकर यादव के अंतिम संस्कार के लिए तत्काल जगह उपलब्ध करा दी गई। उन्होंने बताया कि सोमवार को प्रशासन के साथ ग्वालीपुरा में मुक्तिधाम के लिए उपयुक्त स्थान का निरीक्षण कर उसे चिन्हित और तय किया जाएगा।

गजेंद्र ठाकुर

By: गजेंद्र ठाकुर

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