सागर में दामोदर यादव की सभा के दौरान हंगामा, करणी सेना कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
सागर। दामोदर यादव की सभा के दौरान शनिवार को विवाद की स्थिति बन गई। सभा का विरोध करने पहुंचे करणी सेना के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया। स्थिति को देखते हुए सभा स्थल और शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा।
जानकारी के मुताबिक हरियाणा से सागर पहुंचे करणी सेना युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेन्द्र राणा का काफिला विदिशा में ही रोक दिया गया था। इसके बाद जिले की सीमा राहतगढ़ में पुलिस ने फिर राणा को रोका, राणा अन्य रास्ते से सागर पहुंचे और मोतीनगर चौराहे पर पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके साथ मौजूद कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने रोक लिया। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनने की बात सामने आई है।

करणी सेना के जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह ने प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उनका कहना है कि दामोदर यादव को सागर में सभा के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से पूरी स्वतंत्रता और सुरक्षा उपलब्ध कराई गई, जबकि करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेन्द्र राणा के काफिले को विदिशा से ही रोक दिया गया।
शैलेन्द्र सिंह के अनुसार, इसके बावजूद राणा जैसे-तैसे सागर पहुंचे, लेकिन मोतीनगर चौराहे पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया और उनके साथ सख्ती की गई।
सुबह से ही शुरू हो गया था हिरासत का दौर
सभा को लेकर पुलिस ने सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। करणी सेना के कई कार्यकर्ताओं को एहतियातन नजरबंद किए जाने और कुछ को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। सभा स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
करणी सेना कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन ने पहले उन्हें आश्वासन दिया था कि दामोदर यादव की सभा को अनुमति नहीं दी जाएगी। बाद में सभा की अनुमति दिए जाने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी और वे विरोध जताने पहुंचे।
शाम बाद राणा और कार्यकर्ताओं को छोड़ा
पुलिस हिरासत में लिए गए ओकेन्द्र राणा और उनके साथियों को शाम होने के बाद छोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस ने शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी और गश्त जारी रखी।
फिलहाल मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से सभा की अनुमति, हिरासत और दोनों पक्षों की गतिविधियों को लेकर आधिकारिक विस्तृत बयान सामने आना बाकी है।








