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सागर में 7 ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई, समय-सीमा में प्रकरण न निपटाने पर 15,250 रुपए जुर्माना

रिपोर्ट: गजेंद्र ठाकुर
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सागर में 7 ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई, समय-सीमा में प्रकरण न निपटाने पर 15,250 रुपए जुर्माना
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विवाह पंजीयन और जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र से जुड़े मामलों में हुई देरी पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लगाया आर्थिक दंड

सागर। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में नागरिकों से जुड़े प्रकरणों का निराकरण नहीं करना सागर जिले के सात ग्राम पंचायत सचिवों को महंगा पड़ा है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने समय-सीमा के उल्लंघन के मामलों में संबंधित सचिवों के खिलाफ शास्ति लगाने के आदेश जारी किए हैं। सातों सचिवों पर कुल 15 हजार 250 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

विवाह और प्रमाण-पत्र से जुड़े आवेदन में हुई देरी

जारी आदेश के मुताबिक, संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों के पास विवाह पंजीयन, जन्म का अप्राप्यता प्रमाण-पत्र और मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए थे। इन आवेदनों का निर्धारित अवधि के भीतर निराकरण नहीं किया गया।

प्रकरणों की जांच के दौरान अलग-अलग मामलों में 3 से 11 दिन तक की देरी सामने आई। समय-सीमा के उल्लंघन को देखते हुए लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित सचिवों पर आर्थिक दंड निर्धारित किया गया।

समय-सीमा के बाद प्रकरणों का निराकरण करने वाले सात ग्राम पंचायत सचिवों पर उनकी देरी के अनुसार अलग-अलग राशि का जुर्माना लगाया गया है।

– सीहोरा, जनपद पंचायत राहतगढ़: सचिव जगन्नाथ प्रसाद कुर्मी पर 2,750 रुपए

– तेंदूडाबर, जनपद पंचायत जैसीनगर: सचिव रतन सिंह पटेल पर 750 रुपए

– पिपरिया, जनपद पंचायत जैसीनगर: सचिव महेन्द्र सिंह पर 500 रुपए

– गंगवारा, जनपद पंचायत देवरी: सचिव मिथलेश ब्राह्मण पर 2,000 रुपए

– रायखेड़ा, जनपद पंचायत देवरी: सचिव दीपक खटीक पर 5,000 रुपए

– घाना, जनपद पंचायत केसली: सचिव उमाशंकर दुबे पर 2,500 रुपए

– तुलसीपार, जनपद पंचायत केसली: सचिव निरंजन खरे पर 1,750 रुपए

इस प्रकार सभी सात सचिवों पर मिलाकर 15,250 रुपए की शास्ति लगाई गई है।

प्रत्येक दिन की देरी पर 250 रुपए की शास्ति

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ प्रतिदिन के आधार पर शास्ति लगाने का प्रावधान है। इन्हीं प्रावधानों के तहत इन मामलों में प्रति दिन 250 रुपए की दर से जुर्माना तय किया गया। प्रकरणों के निराकरण में जितने दिन की देरी हुई, उसी के आधार पर संबंधित सचिवों पर शास्ति की राशि निर्धारित की गई।

तीन दिन के भीतर जमा करनी होगी जुर्माने की राशि

कलेक्टर प्रतिभा पाल द्वारा जारी आदेश में सभी संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को निर्धारित जुर्माने की राशि चालान के माध्यम से तीन दिन के भीतर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट किया गया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं से संबंधित आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करना जरूरी है। तय अवधि में प्रकरणों का निपटारा नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार आर्थिक दंड की कार्रवाई की जा सकती है।

गजेंद्र ठाकुर
लेखक

गजेंद्र ठाकुर

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