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सागर के बम्होरी बीका में बम के हिस्से मिलने से मचा हड़कंप, आर्मी की टीम ने एक संदिग्ध कैप किया डिफ्यूज

रिपोर्ट: गजेंद्र ठाकुर
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सागर के बम्होरी बीका में बम के हिस्से मिलने से मचा हड़कंप, आर्मी की टीम ने एक संदिग्ध कैप किया डिफ्यूज
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सागर के बम्होरी बीका में बम के हिस्से मिलने से मचा हड़कंप, आर्मी की टीम ने एक संदिग्ध कैप किया डिफ्यूज

ग्राम पंचायत भवन के पीछे पेड़ के नीचे पड़े मिले बम के हिस्से; चार पहले से डिफ्यूज, एक में बारूद होने की आशंका

सागर। ग्राम बम्होरी बीका में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्राम पंचायत भवन के पीछे एक पेड़ के नीचे बम के कुछ हिस्से पड़े मिले। ग्रामीणों की नजर इन संदिग्ध वस्तुओं पर पड़ी तो उन्होंने इसकी जानकारी सरपंच को दी। सरपंच ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध सामग्री की जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आर्मी के बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया। टीम ने मौके पर पहुंचकर मिले बम के हिस्सों की बारीकी से जांच की।

जांच के दौरान मौके पर कुल पांच कैप मिले। इनमें से चार पहले से ही डिफ्यूज थे, जबकि एक कैप संदिग्ध पाया गया। उसमें बारूद होने की आशंका को देखते हुए आर्मी के बम निरोधक दस्ते ने उसे मौके पर ही डिफ्यूज कर दिया।

करीब 20 साल पुराने बताए जा रहे बम के हिस्से

प्राथमिक जांच में सामने आया कि मौके से मिले हिस्से बम की कैप यानी आगे के हिस्से हैं। इनमें चार पहले से निष्क्रिय थे, जबकि एक में बारूद होने की संभावना थी। संदिग्ध कैप को बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज किया।

सिविल लाइन थाना प्रभारी आनंद सिंह ने बताया कि गांव में बम की कैप मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। जांच के दौरान एक संदिग्ध कैप को आर्मी के बम निरोधक दस्ते की मदद से डिफ्यूज कराया गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये सामग्री गांव के पास कैसे पहुंची और इसे यहां कौन लेकर आया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बताया जा रहा है कि मिले बम के हिस्से करीब 20 साल पुराने हैं।

गांव के पास है आर्मी की फायरिंग रेंज

ग्राम बम्होरी बीका के पास आर्मी की फायरिंग रेंज स्थित है, जहां जवान फायरिंग का अभ्यास करते हैं और इस दौरान विभिन्न हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से क्षेत्र में कई बार पुराने बम या अन्य विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले सामने आते रहे हैं।

करीब डेढ़ साल पहले भी इसी क्षेत्र में पुराना बम मिला था, जिसे बाद में बम निरोधक दस्ते की मदद से डिफ्यूज कराया गया था।

गजेंद्र ठाकुर
लेखक

गजेंद्र ठाकुर

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