मुख्य विषय-वस्तु पर जाएं (Skip to main content)

सागर के बंडा में वीगोरा-100 की कथित ऑनलाइन बिक्री का मामला, औषधि प्रशासन ने जांच के दौरान जब्त किए दस्तावेज

By: गजेंद्र ठाकुर•
Sponsor Ad
सागर के बंडा में वीगोरा-100 की कथित ऑनलाइन बिक्री का मामला, औषधि प्रशासन ने जांच के दौरान जब्त किए दस्तावेज

महाराष्ट्र FDA की शिकायत के बाद कार्रवाई; मेडिकल स्टोर से बिना बिल दवा बिक्री और ऑनलाइन सप्लाई से जुड़े तथ्यों की पड़ताल जारी

सागर। जिले में प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री के साथ बिना वैध दस्तावेज दवाओं के कारोबार पर औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई जारी है। इसी सिलसिले में बंडा क्षेत्र में वीगोरा-100 दवा की कथित ऑनलाइन बिक्री का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) से मिली शिकायत के बाद की गई जांच में औषधि प्रशासन की टीम ने मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं।

जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर, नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में की गई। महाराष्ट्र FDA से वीगोरा-100 की ऑनलाइन बिक्री को लेकर शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने बंडा क्षेत्र में इसकी पड़ताल शुरू की।

जांच के दौरान सामने आया कि बंडा स्थित अंकित मेडिकल स्टोर से करीब 120 स्ट्रिप्स वीगोरा-100 बिना बिल या कैश मेमो के एक अन्य व्यक्ति को बेचे जाने की जानकारी मिली। जांच एजेंसी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति इन दवाओं को आगे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेच रहा था।

मामले की पुष्टि और दवा की खरीद-बिक्री से जुड़ी कड़ी को समझने के लिए औषधि प्रशासन की टीम ने बिक्री रिकॉर्ड, दस्तावेज और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच की। कार्रवाई के दौरान कथित ऑनलाइन बिक्री से जुड़े व्यक्ति को मौके पर पकड़ा गया। टीम ने बिक्री अभिलेखों समेत मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए।

अधिकारियों के मुताबिक, जब्त रिकॉर्ड की जांच का उद्देश्य दवा की खरीद से लेकर उसके आगे बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी जुटाना है। औषधि निरीक्षक सोनम जैन और औषधि निरीक्षक मनीष सुमन की संयुक्त टीम ने करीब चार से पांच घंटे तक कार्रवाई की। इस दौरान मेडिकल स्टोर के दस्तावेजों और बिक्री अभिलेखों की जांच की गई तथा प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए गए।

अब जांच का दायरा मेडिकल स्टोर संचालक सहित अन्य संबंधित लोगों की भूमिका तक बढ़ाया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि दवा किस परिस्थिति में बेची गई, उसका बिक्री रिकॉर्ड क्यों उपलब्ध नहीं था और ऑनलाइन माध्यम से दवा आगे बेचने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।

जब्त दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। औषधि प्रशासन विभाग ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिले में दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री, बिना पर्चे दवाओं की बिक्री और बिना बिल दवा कारोबार के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत औषधि प्रशासन विभाग मेडिकल स्टोरों के रिकॉर्ड और दवा बिक्री की प्रक्रिया की जांच कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बंडा में सामने आए इस मामले में अब जब्त किए गए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। इनके परीक्षण के बाद यह सामने आ सकेगा कि कथित ऑनलाइन बिक्री में और कौन-कौन लोग जुड़े थे और दवाओं को ऑनलाइन माध्यम से आगे किस तरीके से बेचा जा रहा था।

गजेंद्र ठाकुर

By: गजेंद्र ठाकुर

खबर का असर .com (KKA) डिजिटल टीम - निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के साथ खबरों की ग्‍लोबल अपडेट्स।

61,87,654 +
Total Visitors

अन्य संबंधित और ताज़ा ख़बरें

सभी समाचार देखें →