पिता ने मलेशिया में बनाई पहचान, बेटे ने ऑस्ट्रेलिया में बढ़ाया मान
सीमांत सिंह मलेशिया की राष्ट्रीय तेल एवं गैस कंपनी में वैज्ञानिक, पुत्र निशांत ने ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से अभियांत्रिकी की पढ़ाई पूरी की
सागर/बंडा। बुंदेलखंड की धरती प्रतिभाओं से समृद्ध है। सागर जिले की बंडा तहसील के छोटे से ग्राम परासिया के सिंह परिवार ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर क्षेत्र का नाम देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोशन किया है। ग्राम निवासी चंदन सिंह राजपूत के पुत्र सीमांत सिंह और उनके पुत्र निशांत सिंह ने अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों से परिवार के साथ पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।


सीमांत सिंह ने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के भूविज्ञान विभाग से एमटेक और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वर्तमान में वे मलेशिया की राष्ट्रीय तेल एवं गैस कंपनी पेट्रोनास में भूवैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। ऊर्जा तथा तेल-गैस क्षेत्र में वे अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
पिता की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए उनके पुत्र निशांत सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित मेलबर्न विश्वविद्यालय से यांत्रिक अभियांत्रिकी में स्नातक की उपाधि सफलतापूर्वक प्राप्त की है। इसके साथ ही उन्हें ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित सिडनी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए प्रवेश मिला है।
ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचने वाली पिता-पुत्र की यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रतिभा किसी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और बेहतर शिक्षा के बल पर गांवों के युवा भी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
सीमांत सिंह और निशांत सिंह की उपलब्धियां ग्राम परासिया, बंडा क्षेत्र और समूचे बुंदेलखंड के लिए गर्व का विषय हैं। उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देती है।
क्षेत्रवासियों ने दोनों को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उम्मीद है कि सीमांत सिंह और निशांत सिंह भविष्य में भी अपने परिवार, क्षेत्र और बुंदेलखंड का नाम इसी तरह रोशन करते रहेंगे।

