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सागर में सेफ क्लिक 2.0 का भव्य समापन: 15 दिन में हजारों लोग हुए साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक

रिपोर्ट: Admin Desk
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सागर में सेफ क्लिक 2.0 का भव्य समापन: 15 दिन में हजारों लोग हुए साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक

सागर में सेफ क्लिक 2.0 का भव्य समापन: 15 दिन में हजारों लोग हुए साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक

सागर। मध्यप्रदेश पुलिस के राज्यव्यापी “सेफ क्लिक 2.0” अभियान का जिला स्तरीय समापन बुधवार को बंडा स्थित शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय में हुआ। 24 जून से 8 जुलाई तक चले 15 दिवसीय अभियान के दौरान जिलेभर में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, व्यापारियों, किसानों और शासकीय कर्मचारियों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।

समापन समारोह से पहले 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने नगर में साइबर जागरूकता रैली निकालकर लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने का संदेश दिया। रैली में “सोचें… समझें… फिर क्लिक करें”, “OTP किसी से साझा न करें” और “सजग नागरिक–सुरक्षित समाज” जैसे स्लोगन आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, OTP और UPI फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी लिंक, ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी, लोन ऐप फ्रॉड और साइबर बुलिंग जैसे अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। नागरिकों को साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।

समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र, मेडल और सम्मान प्रदान किए गए। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, OTP और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने तथा किसी भी साइबर अपराध की सूचना तुरंत 1930 पर देने की अपील की।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जयवीर सिंह भदौरिया ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी ने नागरिकों से ऑनलाइन लेन-देन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया।

अभियान के दौरान जिले के सभी पुलिस अनुभागों एवं थाना क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, शासकीय कार्यालयों, बाजारों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट, निवेश ठगी, बैंकिंग और UPI फ्रॉड, फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया अपराध सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए।

कार्यक्रम का समापन साइबर सुरक्षा शपथ के साथ हुआ। पुलिस अधिकारियों ने विश्वास जताया कि अभियान से जिले में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और अधिक से अधिक नागरिक सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित हुए हैं।

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