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900 KM तक पीछा… फिर शिकंजे में आया अंतर्राज्यीय डंपर चोर गिरोह, 12 लाख का वाहन बरामद

रिपोर्ट: खबर का असर .कॉम
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900 KM तक पीछा… फिर शिकंजे में आया अंतर्राज्यीय डंपर चोर गिरोह, 12 लाख का वाहन बरामद

900 KM तक पीछा… फिर शिकंजे में आया अंतर्राज्यीय डंपर चोर गिरोह, 12 लाख का वाहन बरामद

सागर। जिला सागर में पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी एवं एसडीओपी बीना श्री अजय सनकत के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी आगासौद श्रीमती अनुपमा शर्मा के नेतृत्व में चोरी की वारदातों में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना आगासौद एवं चौकी मंडी बामौरा पुलिस ने अंतर्राज्यीय डंपर चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए लगभग 12 लाख रुपये कीमत का चोरी गया टाटा 10 व्हीलर टिपर (डंपर) बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

घटना का विवरण

दिनांक 20.07.2026 को फरियादी नवल सिंह यादव, निवासी झांसी (उ.प्र.) ने थाना आगासौद में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका टाटा 10 व्हीलर टिपर (डंपर) क्रमांक UP93 ET 0065 दिनांक 18.07.2026 की रात्रि बीना रिफाइनरी गेट के समीप पार्क किया गया था, जिसे अज्ञात चोर चोरी कर ले गए।

फरियादी की रिपोर्ट पर थाना आगासौद में अपराध क्रमांक 138/2026 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक

विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने फरियादी एवं साक्षियों के कथन लिए, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तथा तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किए, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

लगातार प्रयासों के दौरान नेशनल हाईवे के विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिसमें चोरी गया डंपर गुना की ओर जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने डंपर की आवाजाही का क्रमशः बारां, कोटा, ब्यावर, पाली एवं जोधपुर के निकट निम्बाली टोल प्लाजा तक पीछा किया। लगभग 900 किलोमीटर तक तकनीकी एवं भौतिक जांच के बाद यह पता चला कि आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए राजस्थान पंजीकृत दूसरे डंपर का फास्टैग उपयोग कर विभिन्न टोल प्लाजा पार किए।

वैज्ञानिक साक्ष्यों की जानकारी के आधार पर उसके मालिक डालूराम, निवासी बायतू, जिला बाड़मेर से पूछताछ की गई। प्रारंभ में उसने उपयोगकर्ता की जानकारी होने से इंकार किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उक्त फास्टैग उसके पूर्व चालक भंवराराम ढाका के पास था।

इसके बाद पुलिस टीम राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर एवं जोधपुर जिलों में लगातार लगभग एक सप्ताह तक आरोपियों की तलाश करती रही। तकनीकी विश्लेषण एवं सतत प्रयासों के आधार पर दिनांक 05.08.2026 की रात्रि में संदेही भंवराराम ढाका को सिणधरी, जिला बालोतरा से अभिरक्षा में लिया गया।

पूछताछ में भंवराराम ने बताया कि उसने अपने बड़े भाई विकास उर्फ हेमाराम ढाका तथा मित्र सरूपाराम मायला, जो बीना रिफाइनरी क्षेत्र में डंपर चालक था, के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से डंपर चोरी की थी। चोरी के बाद तीनों आरोपी डंपर को राजस्थान ले गए तथा पुलिस से बचने के उद्देश्य से आगे महाराष्ट्र के कोल्हापुर भागने की तैयारी कर रहे थे।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लगभग 12 लाख रुपये कीमत का चोरी गया टाटा 10 व्हीलर टिपर (डंपर) क्रमांक UP93 ET 0065 बरामद कर लिया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

गिरफ्तार आरोपी

1. भंवराराम ढाका पिता बाबूराम ढाका, उम्र 22 वर्ष, निवासी चंपाबेरी, थाना पचपदरा, जिला बालोतरा (राजस्थान)।

2. विकास उर्फ हेमाराम ढाका पिता बाबूराम ढाका, उम्र 24 वर्ष, निवासी चंपाबेरी, थाना पचपदरा, जिला बालोतरा (राजस्थान)।

3. सरूपाराम मायला पिता लिकमाराम मायला, उम्र 20 वर्ष, निवासी कालेवा, थाना पचपदरा, जिला बालोतरा (राजस्थान)।

जप्त मशरूका

– लगभग 12 लाख रुपये कीमत का चोरी गया टाटा 10 व्हीलर टिपर (डंपर) क्रमांक UP93 ET 0065।

सराहनीय भूमिका

प्रकरण के सफल खुलासे में चौकी प्रभारी मंडी बामौरा उप निरीक्षक प्रदीप कुमार जाटव, प्रधान आरक्षक जयपाल सिंह घोष एवं आरक्षक दीपेन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सहयोगी टीम में प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार हेमंत सिंह, सुशील सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, रोहित विश्वकर्मा एवं आरक्षक जीतेन्द्र का विशेष योगदान रहा।

थाना आगासौद एवं चौकी मंडी बामौरा पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश हुआ, बल्कि लगभग 12 लाख रुपये कीमत का चोरी गया भारी वाहन भी सफलतापूर्वक बरामद किया गया। यह सफलता पुलिस की सतत विवेचना, तकनीकी विश्लेषण एवं अंतर्राज्यीय समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।

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