रिकॉर्ड और प्रतिलिपि में अब नहीं चलेगी लापरवाही, कलेक्टर के कड़े निर्देश
सागर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रतिलिपि शाखा एवं अभिलेखागार के व्यवस्थित प्रबंधन और आम नागरिकों को समय पर अभिलेखों की नकल उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान अभिलेखों की नकल तैयार करने में हो रहे विलंब और प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने पूरी प्रक्रिया को सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने हेतु नई मानक संचालन प्रक्रिया के तहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त कुल आवेदनों में से 161 आवेदन समय-सीमा से बाहर हो चुके हैं। इस पर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने नाराज़गी दिखाई और कड़े निर्देश देते हुए कहा कि पूर्व के लंबित बैकलॉग को शीघ्र निपटाया जाए और यदि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी पाई जाती है तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड शाखा में आवेदन प्राप्त होने से लेकर नकल प्रदाय करने तक की पूरी व्यवस्था को ‘ऑपरेशनल स्ट्रीमलाइन’ किया जाए।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर के आदेश पर इस संबंध में एक एसओपी भी बन दी गई है जिसके तहत पूरी प्रक्रिया के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके अनुसार लोक सेवा केंद्र से संबंधित शाखा तक आवेदन भेजने की अधिकतम समय-सीमा 24 घंटे तय की गई है। इसके बाद अभिलेखागार, संबंधित शाखा अथवा न्यायालय से अभिलेख प्राप्त कर नकल शाखा तक उपलब्ध कराने के लिए अधिकतम 3 दिन तथा अभिलेख प्राप्त होने के बाद नकल तैयार कर पुनः लोक सेवा केंद्र को उपलब्ध कराने के लिए भी अधिकतम 3 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने प्रधान प्रतिलिपिकार, लिपिकीय अमले, अभिलेखागार तथा सेवायोजन राइटर सहित सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि इस तय समय-सीमा का कड़ाई से पालन करें। साथ ही लोक सेवा केंद्रों के प्रभारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही रिकॉर्ड की प्रमाणित नकल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को बेवजह परेशान न होना पड़े।

